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जन्माष्टमी में 19 साल बाद बन रहा यह दुर्लभ योग

Sat, 24 Aug 2013 03:01 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
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जन्माष्टमी पर इस बार तीन दुर्लभ योग एक साथ बन रहे हैं। 19 सालों बाद यह योग बन रहा है। जो भक्त इस व्रत को पूरे विधि विधान से करेगा, उसके तीन जन्मों पाप समाप्त हो जाएंगे।
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श्री शिव शक्ति ज्योतिष अनुसंधान केंद्र के अध्यक्ष एवं ज्योतिषाचार्य पंडित रमेश सेमवाल ने बताया कि इस बार 28 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर्व है। पर्व पर तीन दुर्लभ योग एक साथ पड़ रहे हैं। इससे पहले 19 साल पूर्व योग हुआ था।

28 अगस्त को श्री कृष्ण जन्माष्टमी को अर्द्धरात्रि अष्टमी पड़ रही है। यह तिथि रोहिणी नक्षत्र में है। इसके अलावा वृष राशि पर चंद्रमा का दुर्लभ एवं पुण्य प्रदायक योग बन रहा है। निर्णय सिंधु में लिखा है कि आधी रात के समय रोहिणी में यदि अष्टमी तिथि मिल जाए तो उसमें भगवान श्री कृष्ण का पूजन करने से तीन जन्मों के पाप समाप्त हो जाते हैं।
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बुधवार और रोहिणी नक्षत्र का योग हो तो ऐसी जन्माष्टमी पर रखा गया व्रत सौ जन्मों का उद्धार करती है। रोहिणी नक्षत्र और बुधवार एक ही दिन है। इससे जयंती नामक योग बन रहा है।

इस योग से हजारों जन्मों का पुण्य संचय हो जाता है। इस बार जन्माष्टमी पर आने वाले यह सभी योग वह है, जो भगवान श्रीकृष्ण के जन्म पर बने थे। इसलिए इस बार की जन्माष्टमी बेहद खास है।
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