राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कोरोना संक्रमित बच्चे के माता-पिता की भी कोरोना जांच की जाएगी। बाल रोग विशेषज्ञों ने दोनों की जांच कराने की सलाह दी है। डॉक्टरों ने बताया कि कोरोना संक्रमित बच्चे की हालत में पहले से सुधार है।
दून अस्पताल में लगभग एक महीने के अंतराल के बाद कोई बच्चा कोरोना संक्रमित पाया गया। दो दिन पहले बच्चे में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इससे पूर्व बच्चे कोरोना के लक्षण के आधार पर बाल रोग विभाग के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। बच्चे के माता-पिता को भी कोरोना संदिग्ध मानते हुए आईसोलेशन वार्ड में ही भर्ती किया गया है। बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अशोक ने बताया कि 12 साल के इस बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे शुरू में पीडियाट्रिक आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था। अब बच्चे की हालत सामान्य है और उसे जनरल वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।
दून मेडिकल अस्पताल में हैं 53 पीडियाट्रिक आईसीयू
प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि बच्चा वार्ड में 53 आईसीयू बेड तैयार किए गए हैं। इनमें से 33 बेड वेंटिलेटर युक्त हैं। बाकी 20 बेड में भी बहुत जल्द वेंटिलेटर लगा दिए जाएंगे। इसके अलावा बच्चा वार्ड में जरूरी चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। साथ ही डॉक्टरों को बच्चों के इलाज का प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया भी लगभग पूरी हो चुकी है।