दीपावली के लिए बाजार पूरी तरह सज चुका है। व्यापारियों को उम्मीद है कि आपदा के बाद छाई मायूसी दीपावली के त्योहार के साथ ही छंट जाएगी। दूसरी ओर प्रशासन अभी किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए तैयार नहीं दिख रहा।
दीपावली के पास आते ही शहर के बाजारों में रौनक बढ़ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग दीपावली की तैयारियों को लेकर बाजार का रुख करने लगे हैं। ऐसे में व्यापारियों को बाजार की मायूसी दूर होने की उम्मीद जगी है।
इसके लिए छोटे-बड़े व्यापारियों ने पूरी तैयारी कर ली है। आपदा की मार और नीरस यात्रा सीजन के बाद त्योहार को लेकर व्यापारियों के साथ आम जनता में भी उत्साह है।
दीपावली पर बंपर खरीददारी की आस
दूसरी ओर त्योहार की उमंग पर प्रशासन की लापरवाही भारी पड़ सकती है। सभी बाजारों में चारों ओर दुकानें सज चुकी हैं। इन भीड़-भाड़ वाले इलाकों में पटाखों की दुकानें भी लगती हैं। लेकिन प्रशासन ने अब तक सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
नियमानुसार पटाखों की दुकानें शहर से बाहर लगनी चाहिए। साथ ही पटाखों व इलेक्ट्रॉनिक सामान के लिए दुकानों को लाइसेंस जारी करने से पूर्व अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा करना पड़ता है।
मगर बाजार में किसी भी दुकान में अग्निशमन यंत्र तो दूर सुरक्षा को लेकर कोई बुनियादी इंतजाम ही नहीं किए गए हैं। हालांकि प्रशासन कैसे भी हालात से निपटने के लिए पूरी तैयारी के दावे कर रहा है।
तहसीलदार अबरार हुसैन के मुताबिक सभी व्यापारियों को इस बारे में पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं। दीपावली के समय दुकानों में अग्निशमन यंत्र आवश्यक रूप से रखने की हिदायद भी दी गई है।