भाजपा के प्रस्तावित नए प्रदेश कार्यालय के लिए चाय बागान की जमीन खरीदने के मामले में तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष बिशन सिंह चुफाल शनिवार को अपना जवाब दाखिल करने कलक्ट्रेट पहुंचे। एडीएम प्रशासन की गैर मौजूदगी में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने कार्यालय में अपना लिखित जवाब जमा किया। उन्होंने कहा, भाजपा कार्यालय के लिए खरीदी गई जमीन का बैनामा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाम से हुआ है। खतौनी में भी नाम भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ही दर्ज है। प्रशासन व्यक्तिगत तौर पर उन्हें नोटिस नहीं दे सकता। इसके लिए मौजूद प्रशासनिक अफसरों ने खेद व्यक्त किया।
गौरतलब है कि नियत प्राधिकारी ग्रामीण सीलिंग (एडीएम प्रशासन) की ओर से चुफाल को भाजपा कार्यालय के लिए जमीन खरीदने के मामले में नोटिस दिया गया था। उन्हें 24 जून को अपना पक्ष रखने को कहा गया था। बिशन सिंह चुफाल सुबह 11 बजे एडीएम कार्यालय पहुंच गए। एडीएम कार्यालय में नहीं थे। चुफाल ने कहा, यह मामला भाजपा कार्यालय से जुड़ा हुआ है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नाम से इसमें बैनामा हुआ है, इसलिए इसमें पार्टी ही जवाब देगी। इससे पूर्व शुक्रवार को भाजपा कार्यालय में इस मुद्दे पर बैठक हुई। इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समेत संगठन के सभी लोग शामिल रहे। चुफाल ने बताया कि बैठक में तय किया गया है कि पार्टी इस मामले में अपना पक्ष रखेगी।
यह था मामला
चाय बागान की विवादित जमीन पर चल रहे सभी निर्माण कार्य तत्काल रोकने के निर्देश जिला प्रशासन ने दिए थे। इसी क्रम में एडीएम ने 11 लोगों को नोटिस जारी कर तलब किया। इन पर चाय बागान की जमीन पर अतिक्रमण करने का आरोप है। इसमें वह जमीन भी शामिल थी, जिसे भाजपा ने रायपुर में प्रदेश कार्यालय के निर्माण के लिए वर्ष 2010 में खरीदा था। तभी से यह कहा गया कि संबंधित जमीन चाय बागान की है। प्रशासन ने अपने स्तर से कई बार इसकी जांच की। इसके बाद एडीएम प्रशासन डॉ. एसके बरनवाल ने भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष और वर्तमान विधायक विशन सिंह चुफाल को नोटिस भेजा।