चारधाम एवं हेमकुंड साहिब यात्रा के दौरान सामने आए एक विवादित प्रकरण में सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है। मामले में सरकार ने चेतावनी दी है कि इसे सांप्रदायिक रंग देकर माहौल खराब करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप विस्तृत जांच करेंगे। इस संबंध में शनिवार को गृह सचिव शैलेश बगोली ने बयान जारी किया है।
सचिव बगोली ने कहा कि प्रारंभिक जांच में मामला दो पक्षों के बीच हुए विवाद और भावनात्मक आवेश से जुड़ा हुआ है। देवभूमि उत्तराखंड की पहचान सभी धर्मों और आस्थाओं के प्रति सम्मान, शांति और सौहार्द की रही है। राज्य सरकार किसी भी स्थिति में इस सामाजिक समरसता को प्रभावित नहीं होने देगी। उन्होंने बताया कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के लिए आईजी गढ़वाल को निर्देश दिए गए हैं। सभी पक्षों को सुनने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही एडीजी लॉ एंड ऑर्डर से पूरे प्रकरण की विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट भी मांगी गई है।
यात्रियों और श्रद्धालुओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए शिकायत निवारण व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में संचालित चारधाम सेल को हेमकुंड साहिब यात्रा से भी जोड़ा जाएगा और यात्रा अवधि के दौरान यह व्यवस्था चौबीसों घंटे कार्य करेगी।
गृह सचिव ने कहा कि सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाएं फैलाकर या मामले को सांप्रदायिक रंग देकर राज्य का माहौल खराब करने की कोशिश करने वाले तत्वों की पहचान की जाएगी। अफवाह फैलाने और सामाजिक वैमनस्य बढ़ाने वालों के खिलाफ कानून के तहत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं और नागरिकों से संयम बनाए रखने तथा किसी भी शिकायत के लिए प्रशासनिक और पुलिस तंत्र का सहयोग लेने की अपील की।