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Dehradun News: सरकार का हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य

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- 2026 में रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को संचालित करने की तैयारी
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- प्रदेश में एमबीबीएस की 1325 सीटें, सरकारी कॉलेजों के साथ निजी क्षेत्र का भी होगा विस्तार
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का लक्ष्य रखा है। 2026 में रुद्रपुर में निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कॉलेज को संचालित करने की तैयारी है। प्रदेश में एमबीबीएस की 1325 सीटें हो गई हैं। इसमें 625 सीटें सरकारी मेडिकल कॉलेजों की हैं।
स्वास्थ्य सचिव डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि जल्द ही रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में भी मेडिकल कॉलेज की शुरुआत हो जाएगी। सरकार की प्राथमिकता स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के साथ चिकित्सा शिक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। वर्ष 2000 में जब उत्तराखंड राज्य बना, तो प्रदेश चिकित्सा शिक्षा के मामले में बेहद पिछड़ा हुआ था। राज्य गठन के बाद वर्षों तक यहां कोई भी सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं था। डॉक्टर बनने के इच्छुक युवाओं को पड़ोसी राज्यों की ओर रुख करना पड़ता था, लेकिन आज पच्चीस वर्षों के भीतर उत्तराखंड ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं।
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राज्य में एमबीबीएस की 1325 सीटें
वीर चंद्र सिंह गढ़वाली राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान श्रीनगर में एमबीबीएस की 150 सीटें और 51 पीजी सीटें संचालित हैं। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में 125 एमबीबीएस और 69 पीजी सीटें हैं, जबकि दून मेडिकल कॉलेज में 150 एमबीबीएस और 70 पीजी (पोस्टग्रेजुएट) सीटें हैं। वहीं, अल्मोड़ा और हरिद्वार के नए कॉलेजों में 100-100 एमबीबीएस सीटें शुरू की गई हैं। इसके अलावा हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज व श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज में एमबीबीएस की 500 सीटें हैं। हाल ही में स्थापित ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में 150 सीटें और गौतम बुद्ध मेडिकल कॉलेज में 150 सीटें हैं।

नर्सिंग और पैरामेडिकल में भी वृद्धि
प्रदेश में अब 12 सरकारी और 80 से अधिक निजी नर्सिंग संस्थान हैं, जिनमें कुल 4,700 बीएससी नर्सिंग सीटें, 463 एमएससी नर्सिंग सीटें और 4,000 से अधिक सहयोगी स्वास्थ्य पाठ्यक्रमों की सीटें उपलब्ध हैं। पैरामेडिकल क्षेत्र में भी निजी संस्थानों के माध्यम से 12,000 से अधिक सीटें उपलब्ध हैं, जिससे हजारों युवाओं को रोजगारोन्मुख शिक्षा मिल रही है।
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......कोट......
उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ठोस कदम उठाए हैं। हमारी प्राथमिकता हर जिले में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि युवाओं को बाहर न जाना पड़े और प्रदेश आत्मनिर्भर बने। हमने मेडिकल कॉलेजों के साथ नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थानों के विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया है। हमारा लक्ष्य है कि उत्तराखंड न केवल डॉक्टर तैयार करे, बल्कि पूरे उत्तर भारत को उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने वाला अग्रणी राज्य बने। -पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
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