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Dehradun News: दून अस्पताल में बधाई के नाम पर वसूली का खेल

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I- बच्चा पैदा होने से लेकर अस्पताल से छुट्टी देने तक जच्चा-बच्चा के परिजनों से की जाती है वसूली
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I- एक दिन पूर्व जच्चा-बच्चा के परिजनों के साथ 1100 रुपये ना देने पर की गई थी अभद्रता
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Iबच्चा पैदा होने की खुशी की कोई सीमा नहीं होती है। ऐसे में जब जच्चा-बच्चा सुरक्षित हो तो कुछ परिजन खर्च से पीछे नहीं हटते हैं। यहीं से बधाई का खेल शुरू होता है। खुशी-खुशी परिजन अपनी मर्जी से स्टाफ को कुछ भी दें तो किसी को दिक्कत नहीं, लेकिन दून मेडिकल कॉलेज में इसे अपना अधिकार मान लिया गया है। अस्पताल के गायनी वार्ड में बधाई के नाम पर वसूली का खेल चल रहा है। बच्चा पैदा होने से लेकर अस्पताल से छुट्टी देने तक जच्चा-बच्चा के परिजनों से वसूली की जाती है। शनिवार को दून अस्पताल में जच्चा-बच्चा से वसूली और विरोध करने पर परिजनों के साथ अभद्रता की गई थी। अमर उजाला ने रविवार को गायनी डिपार्टमेंट की पड़ताल की, पेश है रिपोर्ट-
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Iदून अस्पताल के गायनी विभाग में भर्ती जच्चा-बच्चा के परिजनों से बात की गई तो कुछ लोगों ने नाम ना छापने की शर्त पर दबी जुबान से वसूली के खेल की बात को स्वीकार किया। एक परिजन का कहना है कि उनका बच्चा बड़ा आपरेशन से हुआ है। जच्चा-बच्चा की हालत स्थिर है, लेकिन उसके बाद भी उनसे बधाई के नाम पर रुपये मांगे गए। एक महिला की माता ने बताया कि वह गरीब हैं। यदि सक्षम होते तो प्राइवेट अस्पताल में डिलिवरी करा लेते, लेकिन यहां बधाई के रुपये उन्होंने भी दिए।
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Iसफाईकर्मी, स्टाफ नर्स, एंबुलेंस सहित हर स्तर पर मांगी जाती है बधाई
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Iबच्चा पैदा होने के बाद बधाई मांगने का दौर शुरू होता है। बच्चे का मुंह दिखाने के नाम पर सफाईकर्मी रकम मांगती हैं। यही नहीं यदि परिजनों को सरकारी एंबुलेंस से घर छोड़ने जाता है तो एंबुलेंस चालक भी बख्शीश की आस रखता है। अस्पताल का स्टाफ 1100, 2100 और 3100 रुपये से इसकी शुरुआत करता है। उसके बाद यह बढ़ती जाती है।
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Iअवैध वसूली को लेकर एचओडी से मांगी आख्या
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Iनेशविला रोड निवासी नारायण सिंह की पत्नी दीपा की शनिवार की सुबह दून अस्पताल डिलीवरी हुई थी। ओटी से वार्ड में शिफ्टिंग के दौरान उनसे 1100 रुपये की मांग की गई थी। ना देने पर उनसे अभद्रता की गई। मामले में दून अस्पताल को शिकायत की गई थी। इस मामले में एमएस ने जांच बैठा दी है। शनिवार को निवर्तमान पार्षद के परिजनों से अवैध वसूली के बाद हुए हंगामा का मामला एमएस के संज्ञान में पहुंचा। इसके बाद एमएस ने इस मामले में गायनी की एचओडी से आख्या मांगी है।
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Iमामला संज्ञान में आया है। अस्पताल में ये नहीं होने दिया जाएगा। जो भी रुपये मांगते है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामले में संबंधित विभागाध्यक्ष से आख्या मांगी गई है।
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I-डॉ. अनुराग अग्रवाल, एमएसI

27जेएनडी07-रिफाइनरी सिलिंडरों को दिल्ली-पटियाला नेशनल हाईवे से गुजारते हुए। संवाद

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