26 साल के लंबे इंतजार के बाद नवीन चकराता शहर की परिकल्पना जमीन पर उतर रही है। यह क्षेत्र सड़क, बिजली, पानी, यातायात आदि जैसी सामान्य सुविधाओं का अभाव भी झेलता रहा है।
नवीन चकराता बसाने की विधिवत कार्रवाई अब शुरू हो चुकी है। नया शहर बसने से यमुना पुल से लेकर पुरोड़ी तक शामिल किए गए चकराता-कालसी तहसील के कई गांवों या उनके मजरों की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। यह क्षेत्र प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है। नए पर्यटन केंद्र और अन्य व्यवस्थाओं के विकसित होने से क्षेत्र की सुंदरता को चार चांद ही लग जाएंगे।
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26 साल के लंबे इंतजार के बाद नवीन चकराता शहर की परिकल्पना जमीन पर उतर रही है। यह क्षेत्र सड़क, बिजली, पानी, यातायात आदि जैसी सामान्य सुविधाओं का अभाव भी झेलता रहा है। नए शहर के रूप में विकसित होने से इलाके का कायाकल्प होना तय माना जा रहा है। नवीन चकराता में आने वाले यमुना पुल, बैराटखाई, पुरोड़ी, रामताल गार्डन, नागथात आदि क्षेत्रों की तस्वीर एकदम बदल जाएगी। प्रदेश में आने वाले पर्यटक नवीन चकराता आए बिना वापस नहीं लौट सकेंगे।
भाजपा के वरिष्ठ नेता रामशरण नौटियाल का कहना है कि नया शहर बसाने की कवायद में काफी लंबा समय लगा। 2017 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के नवीन चकराता के प्रस्ताव को निरस्त कर देने से मायूसी भी हुई थी। अब जबकि अधिसूचना जारी हो चुकी है तो उन्हें उम्मीद है कि यह जौनसार बावर को एसटी का दर्जा मिलने के बाद क्षेत्र के लिए दूसरा बड़ा काम हुआ है।
उन्होंने कहा कि नए शहर में अस्पताल, स्कूल, टूरिस्ट सेंटर आदि की स्थापना होने के साथ बिजली आपूर्ति, सड़कों की व्यवस्था में भी सुधार आएगा। इसके अलावा आने वाले समय में क्षेत्र को पहाड़ के हिसाब से छोटी औद्योगिक इकाइयों का हब बनाने का भी प्रयास किया जाएगा