रीच संस्था की ओर से आयोजित विरासत आर्ट एंड हेरीटेज फेस्टिवल के छठवें दिन आमिर अली खान ने सरोद वादन की प्रस्तुति से विरासत की शाम को संगीत की धुन से सराबोर कर दिया, जबकि इससे पहले आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में युवा कलाकारों और स्कूली छात्रों ने भी अपनी मनभावन प्रस्तुतियों से सबको आश्चर्यचकित कर दिया।
बुधवार को आयोजित विरासत साधना कार्यक्रम के तहत कई स्कूलों के बच्चों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत, गायन और नृत्य पर शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण अक्षत जोशी रहे। अक्षत ने जाइलोफोन पर अपनी प्रस्तुति देकर मौजूद दर्शकों को आनंदित कर दिया। छात्रों ने भरतनाट्यम और कथक नृत्य पर अपनी प्रस्तुति दी। वहीं, स्वर गायन में राग बागेश्री और राम का गुणगान जैसे गायन से छात्रों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कालूराम बमानिया की ओर से लोक संगीत प्रस्तुत किया गया। कालूराम मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र के लोक गायक हैं और वह सूफी, भक्ति और पारंपरिक लोकगीत को गाना पसंद करते हैं।
कालूराम अपने अनोखे तरीके से कबीर भजन, मीरा, सूरदास, गोरखनाथ की रचना भी गाते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम की अन्य प्रस्तुतियों में शिंजिनी कुलकर्णी की ओर से कथक नृत्य प्रस्तुत किया गया। शिंजिनी कालका बिंदादीन वंश की नौवीं पीढ़ी में जन्मी हैं। वे प्रसिद्ध कथक नर्तक स्वर्गीय पंडित बिरजू महाराज की पोती हैं। उन्होंने कथक नृत्य का प्रशिक्षण अपने दादा से पांच साल की उम्र में सीखना शुरू किया था। उन्होंने भारत में खजुराहो नृत्य महोत्सव, ताज महोत्सव, कालिदास महोत्सव, कथक महोत्सव आदि जैसे प्रतिष्ठित समारोहों में अपनी कला का प्रदर्शन किया है।