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स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नारायण दत्त का निधन

Wed, 24 Jul 2013 10:03 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
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आजादी के दौरान सत्याग्रह आंदोलन से जुड़कर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलंद कराने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी नारायण दत्त जोशी का मंगलवार को निधन हो गया।
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98 वर्षीय आजादी के सिपाही ने ओएनजीसी हॉस्पिटल में मंगलवार की दोपहर 12.30 बजे अंतिम सांस ली। बुधवार सुबह उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाया जाएगा।

आजादी की लड़ाई के बाद 1948 में दून आकर बसे नारायण दत्त जोशी मूल रूप से डीडीहाट(पिथौरागढ़) के हुन्ड्रा गांव के रहने वाले थे। दस भाई-बहनों में चौथे नंबर के नारायण दत्त जोशी की शिक्षा अल्मोड़ा में हुई, जहां उन्होंने अपनी बुआ के साथ रहकर शिक्षा ली।
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इस दौरान उन्होंने ज्योतिषाचार्य की भी डिग्री ली। नारायण दत्त जोशी के भतीजे और मसूरी विधायक गणेश जोशी ने बताया कि साल 1939 से 1947 तक उन्होंने अल्मोड़ा में रहकर ही आजादी की लड़ाई जारी रखी।

पांच साल तक अल्मोड़ा जेल में रहे
इस दौरान वे पूर्व मुख्यमंत्री पं. नारायण दत्त तिवारी के साथ पांच साल तक अल्मोड़ा जेल में रहे। आजादी के बाद करीब 25 साल उन्होंने एमईएस में नौकरी भी की।

नारायण दत्त जोशी के पुत्र व जगदंबा गैस एजेंसी के मालिक मोहन चंद्र जोशी ने बताया कि इस उम्र भी वे सुबह चार बजे उठ जाते थे। सुबह पूजा अर्चना करना उनकी दिनचर्या में शामिल था।

बीपी लो होने से हुई मौत
मोहन चंद्र जोशी ने बताया कि सोमवार सुबह नौ बजे पिताजी की तबियत अचानक खराब हुई, तो उनको ओएनजीसी के अस्पताल में ले गए, जहां चिकित्सकों ने बीपी लो की शिकायत बताई। इलाज के दौरान मंगलवार दोपहर 12.30 बजे उनकी मौत हो गई।

भरा पूरा है परिवार
स्व. नारायण दत्त जोशी अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके पुत्र मोहन चंद्र जोशी ने बताया कि उनकी माता आनंदी जोशी 80 साल की हो चुकी हैं। परिवार में उनकी पत्नी तारा जोशी, पुत्री मेघा जोशी व पुत्र पार्थ जोशी हैं। उनकी पांच बहनें हैं और सभी की शादी हो चुकी है। वे सबसे छोटे हैं।
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