पहाड़ से गिरे पत्थर व मलबे के कारण दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 12 घंटे तक बाधित रहा। उधर जगह-जगह हो रहे भू-स्खलन के चलते जौनसार बावर के पांच मोटर मार्गों पर आवाजाही ठप रही। लोक निर्माण विभाग के अलग-अलग खंडों की टीम मोटर मार्गों से मलबा हटाने के कार्य में जुटी रहीं।
दिल्ली-यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर बोसान के निकट रविवार रात 9 बजे अचानक पत्थर व मलबा गिरने लगा। कुछ ही देर में भारी मात्रा में जमा हुए मलबे के कारण मार्ग पर आवाजाही बंद हो गई। रातभर लगातार मलबा गिरने से सड़क को साफ करने का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। सोमवार सुबह नौ बजे के आसपास मलबे को हटाकर यातायात सुचारू कराया जा सका। लोक निर्माण विभाग राष्ट्रीय राजमार्ग खंड के क्षेत्रीय अभियंता ओमप्रकाश सेमवाल ने बताया मार्ग से सटी पहाड़ी से निरंतर मलबा व पत्थर गिर रहा है, जिसपर विभागीय टीम नजर बनाए हुए हैं।
पांच मोटर मार्गों पर बाधित रही आवाजाही
बारिश व भू-स्खलन के चलते जौनसार बावर क्षेत्र के बाढ़वाला जुड्डो मोटर मार्ग, गौराघाटी रंगेऊ मोटर मार्ग, शहीद सुरेश तोमर गास्की मोटर मार्ग, शंभु की चौकी-पंजा-बनसार मोटर मार्ग, पुरकुल से भिरतली किमाड़ी मोटर मार्ग पर यातायात ठप रहा। लोनिवि के अधिशासी अभियंता अनुज भारद्वाज ने बताया कि बंद मोटर मार्गों पर जेसीबी से मलबा हटाने की कार्रवाई चल रही है, देर रात तक सभी मार्गों को खोल लिया जाएगा।
सामान्य रहा नदियों का जलस्तर
मौसम विभाग व आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से जारी की गई सूचनाओं के आधार पर नदी वाले क्षेत्रों में अलर्ट रहा, लेकिन पछवादून की प्रमुख यमुना व टौंस नदियों में जलस्तर सामान्य रहा। यमुना नदी में खतरे का स्तर 455.37 मीटर पर है लेकिन फिलहाल नदी में 454.60 मीटर पर पानी चल रहा है। डाकपत्थर बैराज से 319.51 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज किया गया है। उधर टौंस नदी में खतरे का स्तर 644.75 मीटर पर है लेकिन नदी में वर्तमान में 644.25 मीटर पर पानी बह रहा है। टौंस नदी पर बने इच्छाड़ी बांध से 200.58 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।