शीशमबाड़ा में कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन कर रही रैमकी और चेन्नई एमएसडब्ल्यू ने 31 अगस्त की मध्यरात्रि से काम ठप करने की चेतावनी के मद्देनजर समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने भी कमर कसते हुए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से कर ली हैं। हालांकि, सोमवार को यह तय हो जाएगा कि प्लांट का संचालन और घर-घर कूड़ा उठाने का कार्य कैसे किया जाएगा।
निगम की ओर से कूड़ा उठाने का कार्य वर्तमान में काम कर रही दो अन्य कंपनियों को सौंपा जा सकता है, जबकि प्लांट संचालन का कार्य नई कंपनी के चयन तक निगम पूर्व की भांति खुद कर सकती है। रैमकी कंपनी 2018 से शीशमबाड़ा में कूड़ा निस्तारण प्लांट का संचालन कर रही है, जबकि 2019 से चेन्नई एमएसडब्ल्यू दून में घर-घर कूड़ा उठाने के साथ ही कारगी स्थित डंपिंग जोन से शीशमबाड़ा तक कूड़ा डालने का कार्य कर रही है। एक अगस्त को दोनों कंपनियों ने 31 अगस्त की मध्य रात्रि से काम बंद करने की चेतावनी निगम को दी है। साथ ही 500 कर्मियाें की सेवा समाप्त की भी घोषणा की है। इसके पीछे कंपनियों ने निगम की खराब कार्यप्रणाली और समय से भुगतान न होने के साथ ही शीशमबाड़ा में एनर्जी प्लांट के लिए अनुमति न देना बताया है।
कंपनी ने नोटिस में कहा कि उनका निगम पर करोड़ों रुपये बकाया है। जिसका भुगतान समय से नहीं हो पा रहा है। साथ ही भुगतान में कटौती को भी गलत बताया है। नोटिस के बाद नगर निगम की ओर से दोनों कंपनियों के प्रबंधन को कई बार वार्ता के लिए बुलाया, लेकिन कंपनी के प्रतिनिधि नहीं आए। शुक्रवार को कंपनी प्रबंधन और निगम अफसरों के बीच वार्ता हुई, लेकिन कंपनी शीशमबाड़ा प्लांट में ऊर्जा प्लांट लगाने की मांग पर अड़ी रही। नगर आयुक्त मनुज गोयल ने बताया कि वार्ता फिलहाल चल रही है, लेकिन निगम ने काम ठप होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था की है। सोमवार को इस पर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। कहा कि प्लांट संचालन के लिए टेंडर आमंत्रित कर दिए गए हैं। घर-घर कूड़ा उठाने के लिए भी व्यवस्था की जा रही है।
दो कंपनियों को मिल सकती है कमान
नगर निगम में चेन्नई एमएसडब्ल्यू 69 वार्डों में घर-घर कूड़ा उठाने का कार्य कर रही, जबकि दो अन्य कंपनियां भी कूड़ा उठान कर रही हैं, जिसमें सनलाइट के पास 15 वार्ड, जबकि ईकॉम कंपनी के पास 14 वार्डों में घर-घर कूड़ा उठाने का कार्य है। साथ ही हर्रावाला और नथुवावाला वार्ड में एनजीओ से कूड़ा उठान, निस्तारण का कार्य चल रहा है। निगम सूत्रों की मानें, तो काम ठप होने की स्थिति में निगम इन दोनों कंपनियों को बराबर घर-घर कूड़ा उठाने का कार्य सौंप सकती है।
कंपनियों में कार्यरत कर्मियों को मिलेगी वरीयता
प्लांट संचालन कर रही रैमकी और कूड़ा उठाने का कार्य कर रही चेन्नई एमएसडब्ल्यू के साथ इस समय करीब 500 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं। दोनों कंपनियों ने कर्मियों को भी एक सितंबर से सेवा समाप्ति का नोटिस दिया है। हालांकि, नगर निगम का कहना है कि दोनों कंपनियों से कर्मियों की लिस्ट मांगी है। साथ ही कर्मियों से भी बात की गई है। जो भी कर्मचारी काम करना चाहता, उसे नई कंपनी में प्राथमिकता दी जाएगी।
कूड़ा डालने का काम सनलाइट कंपनी के जिम्मे
वैकल्पिक व्यवस्था के तहत निगम ने कारगी स्थित डंपिंग जोन से शीशमबाड़ा प्लांट तक कूड़ा डालने के लिए टेंडर डाले थे। जिसके लिए दून की सनलाइट कंपनी का चयन हुआ है। अब चेन्नई एमएसडब्ल्यू के बजाए सनलाइट कंपनी डंपिंग जोन से प्लांट तक कूड़ा डालने का काम करेगी।
कंपनी के चयन तक प्लांट संचालन खुद करेगा निगम
वर्तमान में शीशमबाड़ा में कूड़ा निस्तारण का संचालन रैमकी कंपनी कर रही है। सोमवार या मंगलवार तक स्थिति साफ हो जाएगी। प्लांट संचालन के लिए टेंडर कर दिए गए हैं। 12 कंपनियों ने टेंडर डाले हैं। अगर रैमकी काम रोकती है, तो निगम नई कंपनी के चयन तक खुद प्लांट का संचालन करेगी।
- डॉ. अविनाश खन्ना, नगर स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम