डब्ल्यूआईसी इंडिया ने विंग्स कल्चरल सोसाइटी के सहयोग से तारिक हमीद द्वारा निर्देशित अजीब दास्तान है ये कार्यक्रम के तहत दो अनूठी कहानियां मरहूम की याद में और बे का शनिवार को नाट्य मंचन किया गया।
कार्यक्रम में जनकवि अतुल शर्मा ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। मरहूम की याद में पत्रा बुखारी की एकमात्र कृति पत्रा के मजामीन का प्रसिद्ध निबंध है। यह एक साइकिल की कहानी है, जिसे पत्रा अपने दोस्त मिर्जा से खरीदता है। यह उर्दू में लिखी गई अब तक की सबसे मजेदार कहानियों में से एक है। वहीं, बे शौकत थानवी की लिखी एक लघु कहानी है, जिसमें ज्योतिषी की ओर से नायक से कहा जाता है कि आपकी मृत्यु का कारण उर्दू वर्णमाला के दूसरे अक्षर बे से शुरू होने वाला एक शब्द होगा, जो अंग्रेजी में बी और हिंदी में ब है।
नायक को जीवित रहने के लिए बे अक्षर से शुरू होने वाली सभी चीजों से सावधान रहना चाहिए। इस कहानी का मंचन राजगुरु मोहन की ओर से किया गया। विंग्स कल्चरल सोसाइटी के संस्थापक और निदेशक तारिक हमीद ने कहा कि डब्ल्यूआईसी इंडिया में नाटक का मंचन करने के लिए वह बेहद उत्साहित थे। इस मौके पर सचिन उपाध्याय, अंकित अग्रवाल, शिवांकु भट्ट, वसुंधरा नेगी आदि मौजूद रहे।