देश की आजादी की लड़ाई में वीर सावरकर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अंडमान निकोबार की जिस जेल में उन्हें रखा गया, उसे हर देशवासी को देखना चाहिए। प्रदेश में ललित कला, नाट्य कला और साहित्य कला को बढ़ावा देने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। यह बात संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत आयोजित राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी के उद्घाटन अवसर पर कही।
बुधवार को कैबिनेट मंत्री ने घंटाघर स्थित एनएचबी कांप्लेक्स में उत्तरा समकालीन कला संग्रहालय (आर्ट गैलरी) में राष्ट्रीय चित्रकला प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई में भाग लेने वाले उत्तराखंड के जिन शहीदों को आज हम भूल चुके हैं, चित्रकला प्रदर्शनी के माध्यम से कलाकारों ने उन अमर शहीदों को याद कर एक सराहनीय प्रयास किया है। आजादी की लड़ाई में अपना जीवन बलिदान करने वाले देवभूमि के महान सपूत चंद्र सिंह गढ़वाली और जयानंद भारती के योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि वह राज्य में सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमेशा कलाकारों को सम्मान देने के पक्ष में रहे हैं। प्रदेश के कलाकारों को भी इसके लिए समय-समय पर सरकार को सुझाव देने चाहिए। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री ने आजादी के अमृत महोत्सव के तहत होने वाले कार्यक्रमों के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और ललित कला अकादमी, संस्कृति मंत्रालय के चेयरमैन नंदलाल ठाकुर के प्रयासों की भी सराहना की। कार्यक्रम में सचिव संस्कृति हरीशचंद्र सेमवाल, निदेशक बीना भट्ट, राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित कुसुम पांडे, महेश पांडे, साक्षी कोठियाल, पुष्पा रावत, रविंद्र पडिहार, मनोज पांडे, अंशु मोहन उपस्थित थे।