मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से उत्तराखंड आवास एवं नगर विकास प्राधिकरण (हुडा) कार्यालय में जनसुनवाई आयोजित की गई। लोगों ने भूमि उपयोग, यातायात, आधारभूत सुविधाओं, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों को अधिकारियों के समक्ष रखा।
दसवें दिन शनिवार को विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों, व्यापारिक संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और भू-स्वामियों ने महायोजना के विभिन्न पहलुओं पर अपनी राय रखी। प्रतिभागियों ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के बीच देहरादून को सुनियोजित विकास की आवश्यकता है, ताकि आने वाले वर्षों में यातायात, आवास, जलापूर्ति और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सके।
जनसुनवाई के दौरान नागरिकों ने शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और पार्किंग की समस्या को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया। लोगों ने सुझाव दिया कि महायोजना में भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सड़क नेटवर्क का विस्तार, बहुस्तरीय पार्किंग, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ करने और वैकल्पिक यातायात मार्ग विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि देहरादून महायोजना-2041 केवल एक विकास दस्तावेज नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए राजधानी की व्यापक विकास दृष्टि है। नागरिकों से प्राप्त सुझाव योजना को अधिक व्यावहारिक, प्रभावी और जनहितकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कल सुद्धोवाला में होगी जनसुनवाई
देहरादून महायोजना-2041 के तहत सेक्टर-11 की जनसुनवाई 20 जुलाई को राजकीय बालिका पॉलिटेक्निक कॉलेज, सुद्धोवाला में आयोजित की जाएगी। प्राधिकरण ने संबंधित क्षेत्र के नागरिकों, संस्थाओं, भू-स्वामियों व हितधारकों से समय पर उपस्थित होकर अपने सुझाव और आपत्तियां दर्ज कराने की अपील की है।