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फिल्म शूटिंग से थाईलैंड ने कमाये दाम और नाम

Sun, 21 Feb 2016 01:05 PM IST
गिरीश रंजन तिवारी / अमर उजाला, नैनीताल
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प्राकृतिक सुंदरता को फिल्म नीति से जोड़कर कैसे देश को विश्व भर में लोकप्रिय लोकेशन बनाकर पर्यटन व्यवसाय चमकाया जा सकता है, थाईलैंड इसका उत्कृष्ट उदाहरण है।
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विदेशी फिल्मों के जरिए ही पर्यटन प्रचार की यह नीति इतनी सफल है कि लगभग छह करोड़ की आबादी वाले इस देश में प्रतिवर्ष इसकी आबादी के आधे यानी तीन करोड़ तक विदेशी पर्यटक पहुंचते हैं।

यह देखकर स्वाभाविक सवाल उठता है कि प्राकृतिक सौंदर्य की विविधताओं से भरपूर उत्तराखंड में बेहतर फिल्म नीति बनाकर ऐसे लाभ क्यों नहीं उठाए जाते। हालांकि हाल में प्रदेश में फिल्म सिटी बनाने की सीएम हरीश रावत की घोषणा से फिल्मकारों को उम्मीद जगी है।
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थाई नीति के अनुसार यहां तीन करोड़ बहात (एक बहात लगभग दो रुपए) का  खर्च शूटिंग में करने पर 15 फीसदी की छूट दी जाती है। पोस्ट प्रोडक्शन में स्थानीय टीम लेने पर पांच फीसदी और छूट दी जाती है। फिल्मों को शूटिंग के लिए स्वीकृति, आरक्षण, लॉजिस्टिक, हेलीकॉप्टर, स्पीड बोट आदि तत्काल उपलब्ध कराए जाते हैं।

शूटिंग से तो देश को आय तो होती ही है साथ ही उसका विदेशों में प्रचार मुफ्त में हो जाता है। थाईलैंड में प्रतिवर्ष लगभग पांच सौ विदेशी फिल्मों की शूटिंग होती हैं, जिनमें सौ भारतीय होती हैं। इनमें फिल्मों के अलावा विज्ञापन फिल्म, म्यूजिक, वीडियो, टीवी सीरियल आदि भी शामिल हैं।

बालीवुड की दर्जनों फिल्में यहां शूट की गई हैं जिनमें कहो ना प्यार है, गेम, पार्टनर, रास्कल, रेडी, वांटेड, ब्लू, हाउसफुल टू, चांदनी चौक टु चाईना, स्टूडेंट आफ द ईयर, एंटरटेनमेंट, ब्लडी इश्क, गोलमाल रिटर्न्स, आवारापन, श्श्श्शशश, एक्शन जैक्सन शामिल हैं।

संयोग है कि नैनीताल निवासी पूर्व मिस इंडिया मनस्वी ममगई की डेब्यू फिल्म एक्शन जैक्सन की लगभग पूरी शूटिंग थाईलैंड में हुई थी। नैनीताल की ही सुकीर्ति कांडपाल के टीवी शो तथा कैलेंडर की शूटिंग भी हाल में थाईलैंड में ही हुई। बॉलीवुड सुपर स्टार अक्षय कुमार थाईलैंड की ही देन हैं।

वे यहां एक गेस्ट हाउस में वेटर थे उसी दौरान उन्होंने थाई मार्शल आर्ट मुआई थाई सीखा, जिसके बूते उन्हें बालीवुड में भारी सफलता मिली। थाई लोगों के हाथी के प्रति बेहद लगाव व सम्मान के चलते राजेश खन्ना अभिनीत हाथी मेरे साथी यहां चांग प्यूएन कैइव नाम से प्रदर्शित हुई थी और इसे रिकार्ड तोड़ सफलता मिली।
 
हॉलीवुड अभिनेता रोजर मूर स्टारर जेम्स बांड सीरीज की मैन विद द गोल्डन गन की शूटिंग के बाद तो फांगन्गा बे का नाम ही जेम्स बांड आईलैंड रख दिया गया, जिसे देखने अब विदेशी पर्यटक आते हैं।

निकोलस केज की बैंकाक डेंजरस, ओलीवर स्टोन की अलेक्जेंडर के अलावा जेम्स कैमरून की ऐतिहासिक फिल्म टाइटैनिक फेम हालीवुड स्टार लियोनार्डो डीकैपिरो अभिनीत द बीच में थाईलैंड की खूबसूरती उभर कर आई है।

खास बात यह है कि थाईलैंड में केवल समुद्र तट, आईलैंड तथा शहर के कुछ भाग ही शूटिंग के लिए उपयुक्त हैं, जबकि उत्तराखंड में हिमालय, नदियों, झीलों, झरनों, जंगलों सहित विविधतापूर्ण प्राकृतिक सौंदर्य की भरमार है, फिर भी यहां गिनी-चुनी बड़ी फिल्मों की शूटिंग हुई है।
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ऐसे में यदि आकर्षक फिल्म नीति बनाकर फिल्मकारों को आमंत्रित किया जाए तो बॉलीवुड सहित विश्व भर के फिल्म निर्माताओं को यहां आकर्षित किया जा सकता है।
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