टिहरी के प्रतापनगर ब्लॉक में स्क्रब टाइफस बुखार से बच्चे की मौत के बाद क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। बुखार से मौत की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया।
विभाग ने गांव के नजदीक झील क्षेत्र में कीटनाशक दवा का छिड़काव किया है। वहां पहुंची टीम ने बुखार की शिकायत वाले 60 लोगों के खून के नमूने लेकर उन्हें दवा दी।
चौंधार के 17 वर्षीय कपिल को बांध की झील किनारे नहाते समय माइट (पिस्सू) ने काट लिया था, जिससे उसे बुखार की शिकायत थी। समय से सही इलाज नहीं मिलने पर उसने 18 दिन बाद दम तोड़ दिया था।
अमर उजाला में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने पर हरकत में आए स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को चौंधार में मलेरिया अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम भेजी है। टीम ने मृतक किशोर के घर के सदस्यों सहित बुखार की शिकायत वाले 60 लोगों के खून के नमूने लिए हैं।
पढ़िए, लक्षण और बचाव के उपाय
इसके साथ ही गांव के पास झील किनारे कीचड़ वाली जगहों पर कीटनाशक दवा का छिड़काव किया है। सीएमओ डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर ने बताया कि टीम ने गांव का भ्रमण कर झील क्षेत्र में कीटनाशक स्प्रे का छिड़काव किया है। जो खून के नमूने लिए गए हैं, उनकी शीघ्र जांच की जाएगी।
स्क्रब टाइफस के लक्षण मिलने पर उन्हें शीघ्र उचित इलाज दिया जाएगा। सीएमओ ने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद झील क्षेत्र में स्प्रे कराने के लिए टीएचडीसी से भी सहयोग मांगा जाएगा।
मरीज में दिखने वाले लक्षण
जहां पर माइट (पिस्सू) काटता है, उस जगह पर चकत्ता पड़ना, बुखार आना, जोड़ों में दर्द, आंखें लाल होना और मांसपेशियों में दर्द होता है।
ये करें बचाव
पानी के ठहराव कीचड़ वाली जगह पर जाने से बचें, जरूरी हुआ तो पूरे शरीर कपड़ों से ढककर जाएं, ऐसी जगह से आने के बाद चौकसी बरतें और बुखार की शिकायत आने पर शीघ्र चिकित्सालय में खून की जांच कराएं।