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शीशमबाड़ा कूड़ा निस्तारण प्लांट के लिए दोबारा होंगे टेंडर

सार

शीशमबाड़ा वेस्ट मैनेजमेंट एंड रिसाइकिलिंग प्लांट के लिए अब नए सिरे से टेंडर होंगे।पिछली बार निकाले गए टेंडर में जो दो कंपनियां सामने आई थीं, उनके कार्यों के अवलोकन के लिए निगम ने एक कमेटी बनाई थी।इसके बाद निगम की ओर से प्लांट संचालन के लिए नए टेंडर जारी कर दिए।
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विस्तार
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शीशमबाड़ा वेस्ट मैनेजमेंट एंड रिसाइकिलिंग प्लांट के लिए अब नए सिरे से टेंडर होंगे। पिछली बार निकाले गए टेंडर में जो दो कंपनियां सामने आई थीं, उनके कार्यों के अवलोकन के लिए निगम ने एक कमेटी बनाई थी। टीम ने दोनों कंपनियों की ओर से किए जा रहे कार्यों का अवलोकन किया तो इनमें से एक कंपनी आकांक्षा इंटरप्राइजेज के काम से कमेटी संतुष्ट नजर नही आई।
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कमेटी की रिपोर्ट के बाद नगर आयुक्त ने टेंडर निरस्त कर दिया। अब नए सिरे से टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। निगम अधिकारियों की माने तो अगले 24 घंटें में टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। दरअसल, नगर निगम के शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट एंड रिसाइकिलिंग प्लांट का संचालन अभी तक रैमकी इनवायरो कर रही थी। लेकिन प्लांट में कूड़ा निस्तारण ठीक प्रकार से न होने और कंपनी की ओर से भी खुद प्लांट संचालन के लिए हाथ खड़े कर देने के बाद नगर निगम ने अगस्त में रैमकी का अनुबंध खत्म कर दिया। इसके बाद निगम की ओर से प्लांट संचालन के लिए नए टेंडर जारी कर दिए। तीन कंपनियों ने प्लांट संचालन के लिए टेंडर डाले थे। जिसमें एक कंपनी टेक्निकल बिड में बाहर हो गई। इसके बाद मात्र दो कंपनियां दिल्ली की आकांक्षा इंटरप्राइजेज और मुंबई की एक्सेल कंपनी ही टेक्निकल बिड के लिए बची थीं।
पूर्व के अनुभव को देखते हुए और विवाद से बचने के लिए निगम ने प्लांट का जिम्मा इनमें से एक कंपनी को सौंपने से पहले उनकी ओर से वर्तमान में अन्य राज्यों में किए जा रहे कार्यों का अवलोकन करने का निर्णय लिया। इसके लिए एक कमेटी का गठन कर उन्हें कंपनियों की ओर से किए जा रहे कूड़ा निस्तारण कार्यों के अवलोकन के लिए भेजा गया। बृहस्पतिवार को कमेटी ने नगर आयुक्त मनुज गोयल और मुख्य नगर स्वास्थ्य नगर अधिकारी अविनाश खन्ना को रिपोर्ट सौंपी। अपनी रिपोर्ट में कमेटी ने आंकाक्षा इंटरप्राइजेज कंपनी के कार्यों को संतोषजनक नहीं बताया है। रिपोर्ट में कमेटी ने बताया कि आंकाक्षा इंटरप्राइजेज का झारखंड के गिरडी में जो प्लांट लगा है, वह अभी तक पूरा नहीं हो पाया है। इसलिए इस प्लांट का अनुभव कंपनी के साथ नहीं जोड़ा जा सकता। आकांक्षा की रिपोर्ट निगेटिव के बाद केवल एक्सेल कंपनी ही बची थी। नियमानुसार एक कंपनी का फाइनेशियल बिड नहीं खोली जा सकती है। इसलिए नगर आयुक्त ने टेंडर निरस्त कर दिया। नगर आयुक्त मनुज गोयल ने बताया कि अगले चौबीस घंटे में नए टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।
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रि-टेंडरिंग के लिए नगर निगम के अधिकारी भले ही एक कंपनी के पास अनुभव की कमी बता रहे हैं, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि एक चहेती कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए यह खेल खेला गया है। कहा तो यहां तक जा रहा है कि कमेटी के गठन के समय ही यह तय हो गया था।
शीशमबाड़ा में जब से प्लांट शुरू हुआ है, तभी से विवादों में रहा है। प्लांट संचालन के लिए जब रैमकी इनवायरो कंपनी का चयन हुआ था तो उस समय भी निगम पर सवाल उठे थे। इस बार भी जब से प्लांट संचालन के लिए नए टेंडर जारी हुए, तभी से खेल होने की चर्चाएं शुरू हो चुकी थीं। सूत्रों की माने तो जिस प्रकार से टेंडर का फार्मेट तैयार किया गया था और जो सेवा शर्तें इसमें रखी गई थीं। वह किसी खास कंपनी को काम देने के लिए काफी है। इसके अलावा अमूमन जब टेंडर डाले जाते हैं तो अंत टेंडर खुलने के बाद ही कंपनी के कार्यों की जांच की जाती है, लेकिन निगम ने फाइनेंशियल बिड खुलने से पहले ही कमेटी का गठन कर जिस प्रकार से दोनों कंपनियों के कार्यों का अवलोकन करने का निर्णय लिया। यह कई सवाल खड़े कर रही है। बताया जा रहा है कि टेंडर में भाग लेने वाली एक कंपनी पर शहरी निदेशालय में तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी का हाथ है। उसे काम देने के लिए यह सब खेल किया जा रहा है।
रि-टेंडर में दोनों कंपनियां ले सकती हैं भाग
रि-टेंडर में दिल्ली की आकांक्षा इंटरप्राइजेज और मुंबई की एक्सेल कंपनी भी भाग ले सकती हैं। नगर आयुक्त मनुज गोयल ने बताया कि टेंडर में अनुभव के आधार पर बाहर हुई कंपनी भी भाग ले सकती है, लेकिन इससे पहले कंपनी को एक नोटिस निगम की ओर से दिया जाएगा। जिसमें कंपनी से यह स्पष्टीकरण मांगा जाएगा कि कंपनी की ओर से गलत अनुभव प्रमाण पत्र क्यों दिया गया।
दून में बढ़ सकता है कूड़े का संकट
शीशमबाड़ा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेेजमेंट एंड रिसाइकिलिंग प्लांट के लिए रि-टेंडरिंग होने के कारण दून में एक बार फिर कूड़ा निस्तारण का संकट खड़ा हो सकता है। वह इसलिए कि 31 अक्तूबर को अभी तक कूड़ा निस्तारण का कार्य देख रही रैमकी इनवायरो काम छोड़ देगी। टेंडर में कम से कम एक माह का समय लगना तय माना जा रहा है। अगर निगम 31 अक्तूबर तक नई कंपनी का चयन कर भी लेता है तो भी एकदम से प्लांट शुरू नहीं हो पाएगा। ऐसे में दून में कूड़ा निस्तारण की समस्या खड़ी होना तय माना जा रहा है।
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