राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करने समेत विभिन्न मांगों के पूरा न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेेतावनी दी है। एचआर पॉलिसी बनाने व हरियाणा की तर्ज पर एनएचएम के संविदा कर्मियों को बढ़ा हुआ ग्रेड वेतनमान देने, टर्म व लाइफ इंश्योरेंस के लिए स्वीकृत बजट के अनुसार बीमा कराने, उपनल कर्मियों की भांति पांच फीसदी वार्षिक वृद्धि का लाभ देने, महिला कार्मिकों को मातृत्व अवकाश का समुचित लाभ देने व जिन कार्मिकों की ईपीएफ कटौती होती है उनके खातों में तत्काल ईपीएफ जमा करने और 15 हजार से अधिक के मासिक वेतन पर कार्मिकों के लिए ईपीएफ का प्रावधान किया जाए। इस मौके पर डॉ. अमरिंदर, विनोद पैन्यूली, मनीष तोमर आदि शामिल रहे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा कर्मचारियों ने आउटसोर्स व्यवस्था समाप्त करने समेत विभिन्न मांगों के पूरा न होने पर चरणबद्ध आंदोलन की चेेतावनी दी है। इस संबंध में बृहस्पतिवार को एनएचएम कर्मचारियों ने मिशन निदेशक को पत्र भी लिखा।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सुनील भंडारी और महासचिव हर सिंह रावत्र ने कहा कि गत 14 सितंबर को सचिवालय में कर्मचारियों और स्वास्थ्य सचिव के बीच हुई वार्ता व मांगों पर सहमति के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया था। कर्मचारियों ने अक्तूबर के अंतिम सप्ताह तक मांगों पर सकारात्मक निर्णय न होने पर फिर से चरणबद्ध आंदोलन की चेेतावनी दी है। कहा कि एनएचएम में आउटसोर्स की व्यवस्था खत्म कर जिला स्वास्थ्य समिति के माध्यम से कर्मचारियों की नियुक्ति करने के अनुबंध का नवीनीकरण किया जाए। एचआर पॉलिसी बनाने व हरियाणा की तर्ज पर एनएचएम के संविदा कर्मियों को बढ़ा हुआ ग्रेड वेतनमान देने, टर्म व लाइफ इंश्योरेंस के लिए स्वीकृत बजट के अनुसार बीमा कराने, उपनल कर्मियों की भांति पांच फीसदी वार्षिक वृद्धि का लाभ देने, महिला कार्मिकों को मातृत्व अवकाश का समुचित लाभ देने व जिन कार्मिकों की ईपीएफ कटौती होती है उनके खातों में तत्काल ईपीएफ जमा करने और 15 हजार से अधिक के मासिक वेतन पर कार्मिकों के लिए ईपीएफ का प्रावधान किया जाए। इस मौके पर डॉ. अमरिंदर, विनोद पैन्यूली, मनीष तोमर आदि शामिल रहे।