इसके अलावा शिव विहार कालोनी में सेक्टर रोड से बृजपाल के मकान तक भी पहले से ही सड़क के निर्माण का कार्य किया जा चुका है। बावजूद इसके इन दोनों सड़कों के निर्माण के लिए टेंडर जारी हो गए हैं। इन दोनों सड़कों के निर्माण की लागत करीब 10 लाख बताई जा रही है।
ऐसे में यदि जांच में यह खुलासा न होता तो इस सरकारी धन की बंदरबाट हो जाती। मुख्य नगर आयुक्त नूपुर वर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई की जा रही है। दोनों टेंडरों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भविष्य में भी बिना जांच के कोई निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा।
लिखकर नहीं दोगे तो तुम्हारी सेलरी से कटेगा पैसा
बुधवार को जांच रिपोर्ट लेकर एमएनए के पास पहुंचे जेई ने फाइल प्रस्तुत की। इस दौरान जेई ने बताया कि कृष्णानगर में ठेकेदार ने धोखे से बिना कार्य आदेश के इस सड़क का निर्माण किया है, इसलिए इस निर्माण को किसी अन्य निर्माण कार्य में एडजस्ट कर दिया जाए। इस पर एमएनए भड़क गईं।
उन्होंने रिपोर्ट में साफ-साफ यह लिखकर देने को कहा कि संबंधित सड़क का निर्माण पहले से ही हो चुका है और नगर निगम ने यह सड़क नहीं बनाई है। इस पर भी जेई सफाई देते रहे तो एमएनए ने कहा कि स्पष्ट रिपोर्ट नहीं तो संबंधित सड़क के निर्माण का पैसा उनकी सेलरी से काट लिया जाएगा। इस पर जेई ने मौके पर पाई गई स्थिति के अनुसार स्पष्ट आख्या लिखकर दे दी।