हनोल मास्टर प्लान में श्री महासू देवता मंदिर प्रबंधन समिति व स्थानीय ग्रामीणों ने हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है। मंदिर समिति ने चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में मुख्य सचिव आनंद वर्धन से सचिवालय में मुलाकात कर अपनी नाराजगी जाहिर की।
बुधवार को चकराता विधायक प्रीतम सिंह के नेतृत्व में मंदिर प्रबंधन समिति के वरिष्ठ सदस्यों ने महासू मंदिर हनोल में प्रस्तावित मास्टर प्लान के विकास के लिए पर्यटन विभाग के त्रिस्तरीय समझौते एवं अनुबंध को लेकर मुख्य सचिव के समक्ष आपत्ति दर्ज करवाई। प्रीतम सिंह ने कहा कि हनोल में बन रहे मास्टर प्लान की कार्ययोजना एवं विकास कार्य की रूपरेखा जनजातीय समुदाय की लोक परंपरा एवं सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप होनी चाहिए। जिससे पहाड़ में तीर्थाटन एवं पर्यटन विकास को गति देने के साथ सांस्कृतिक विरासत बची रहे।
मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया कि मास्टर प्लान के विकास में मंदिर प्रबंधन समिति एवं देवता के स्वामित्व वाली करीब 18 बीघा भूमि आ रही है। इसके अलावा कुछ अन्य ग्रामीणों की भूमि मास्टर प्लान के विकास की परिधि में आ रही है।
पर्यटन विभाग ने मास्टर प्लान की कार्य योजना में मंदिर समिति के सुझाव को शामिल नहीं किया। विभाग की ओर से मास्टर प्लान के विकास, व्यवस्था संचालन व स्वामित्व को लेकर जो त्रिस्तरीय समझौता एवं अनुबंध बनाया गया है उसमें मंदिर समिति की पूरी तरह अनदेखी की गई है।
पर्यटन विभाग के अनुबंध को मंदिर समिति ने सिरे से खारिज कर दिया। कहा कि अनुबंध पत्र में कई तरह की विसंगतियां होने से भविष्य में गतिरोध पैदा हो सकता है। मंदिर समिति एवं देवता के स्वामित्व वाली भूमि पर मास्टर प्लान के तहत बन रही सभी परियोजनाओं एवं अवस्थापना सुविधाओं का स्वामित्व पर्यटन विभाग अपने हिसाब से संचालित करना चाहता है। इसमें मंदिर समिति की पूरी तरह अनदेखी की जा रही है।
विधायक ने मंदिर समिति व स्थानीय लोगों का पक्ष रखते हुए मुख्य सचिव से मामले में त्वरित कार्रवाई करने का अनुरोध किया। विधायक ने कहा कि महासू मंदिर मास्टर प्लान का विकास मंदिर प्रबंधन समिति हनोल, देवता के कारिंदों, स्थानीय लोगों व भक्तजनों की अपेक्षा के अनुरूप किया जाना चाहिए। जिससे विकास कार्य में कोई अड़चन न आए। मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने मामले में शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इस मौके पर मंदिर समिति के संयोजक एवं वरिष्ठ सदस्य चंदराम राजगुरु, कोषाध्यक्ष रघुवीर सिंह रावत, वरिष्ठ सदस्य राजाराम शर्मा, दीवान तोमर आदि मौजूद रहे।