शनिवार को मौसम के करवट बदलने से पहाड़ों की रानी मसूरी में सीजन का पहला हिमपात हुआ। मसूरी के ऊंचाई वाले लाल टिब्बा और हाथीपांव इलाके में एक से दो इंच बर्फबारी हुई। जबकि जबकि धनौल्टी और सुरकंडा देवी मंदिर में भारी हिमपात की हुआ। बुरांसखंडा में बर्फबारी होने से मसूरी का टिहरी और उत्तरकाशी से संपर्क टूट गया है।
शनिवार को सुबह से ही मसूरी बादल छाए थे, सुबह से शुरू हुई बारिश दिनभर चली। इस बीच मालरोड समेत बाजारों में सुबह ग्यारह बजे के आसपास बर्फ की फुहारें गिरी। लेकिन जमीन पर देर तक नहीं टिक पाई। बर्फबारी की खबर मिलते ही काफी संख्या में सैलानी वीकेंड और वेलेंटाइन डे की पूर्व बेला पर पर्यटन नगरी में उमड़ने शुरू हो गए।
ऊंचाई वाले इलाकों में सुबह और दोपहर के समय हिमपात हुआ। नगर में दिनभर बारिश का सिलसिला जारी रहा। बारिश और ठंड के चलते तापमान शून्य से नीचे पहुंच गया। जिससे स्थानीय लोग घरों में ही दुबके रहे।
मसूरी में दिसंबर के आखिरी सप्ताह से ही बर्फबारी का इंतजार हो रहा था। बर्फ पड़ने के बाद मालरोड, लंढौर बाजार और लाइब्रेरी बाजार सहित सभी बाजारों में रौनक लौट आई। धनौल्टी, कद्दूखाल, बुरांसखंडा में बर्फबारी होने से मसूरी का टिहरी और उत्तरकाशी से संपर्क टूट गया है। मौरियाना के डांडे में भी भारी हिमपात होने की सूचना है।
नई टिहरी में 0.6 डिग्री सेल्सियस पहुंचा तापमान
उधर, नई टिहरी में शनिवार को दिनभर बारिश रहने से मौसम का पारा लुढ़क गया, जिससे अधिकतर लोग घरों के अंदर की कैद रहे। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है, लेकिन फसलों को इससे खास लाभ होने की संभावना नहीं है।
दिनभर बारिश रहने से टिहरी की ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई। थत्यूड़-भवान-उत्तरकाशी मोटर मार्ग मौरियाणा के पास वाहन बर्फ में फंस गए, जिससे मार्ग बंद हो गया। दिनभर रही बारिश से तापमान में भारी गिरावट आई। मौसम विभाग के प्रभारी एसके मंडल ने बताया कि शनिवार को तापमान 0.6 डिग्री सेल्सियस और बारिश 10.8 एमएम रिकॉर्ड किया गया।