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टिहरी के 415 परिवारों को ऋषिकेश में दी जाएगी जमीन

Wed, 20 Jul 2016 10:55 AM IST
कृष्णेंदु कुमार/ अमर उजाला, देहरादून
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टिहरी बांध - फोटो : PTI
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टिहरी बांध रिजर्व वाटर एरिया में भूस्खलन से प्रभावित करीब 415 परिवारों को ऋषिकेश में जमीन दी जाएगी। इसके लिए ऋषिकेश में जमीन तलाश ली गई है।
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ऋषिकेश में जो जमीन तलाशी गई है उसमें 14.21 हेक्टेयर जमीन पशुपालन विभाग की, 39.21 हेक्टेयर जमीन आईडीपीएल की और 66 हेक्टेयर जमीन वन विभाग की है। शासन की ओर से जमीन पुनर्वास विभाग को सौंपे जाने की तैयारी की जा रही है, ताकि प्रभावित परिवारों को यहां जमीन दी जा सके।

2010 में टिहरी बांध के रिजर्व वाटर एरिया के 17 गांवों भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई थी। इसमें मदननेगी, नंदगांव, रोलाकोट, भटकंडा, पिपोला, गोजियाणा व तुणेठा गांव शामिल है। पुनर्वास की मांग को लेकर नंदगांव के लोग 2010 से ही आंदोलन कर रहे हैं।
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उस वक्त राज्य सरकार द्वारा वैज्ञानिकों की एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया था, जिसने गांवों में जाकर भूस्खलन का जायजा लिया था। 2012 में झील से प्रभावित 415 परिवारों को विस्थापन की श्रेणी में रखा गया। बाद में राज्य सरकार द्वारा एक मंत्रिमंडलीय उप-समिति का भी गठन किया था।

समिति में कैबिनेट मंत्री प्रीतम सिंह पंवार, मंत्री प्रसाद नैथानी व दिनेश धनै को शामिल किया गया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी। समिति ने 415 परिवारों को दूसरी जगह पर जमीन दिए जाने की सिफारिश की थी। सिफारिश के बाद मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने 17 जून 2016 को मीटिंग कर सभी स्तर से जमीन की तलाश बात कही थी। इसके बाद टिहरी के 415 परिवारों को ऋषिकेश में जमीन देने की योजना बनाई गई है।

इसको लेकर सचिव सिंचाई आनंद बर्द्धन ने अपर मुख्य सचिव पशुपालन डा. रणवीर सिंह को पत्र लिखकर ऋषिकेश में खाली पड़ी पशुपालन विभाग की 14.21 हेक्टेयर जमीन पुनर्वास निदेशालय को सौंपे जाने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि अगर यह जमीन मिल जाए तो यहां पर 52 परिवारों को जगह दी जा सकती है।
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इसी तरह से ऋषिकेश में ही आईडीपीएल की खाली पड़ी जमीन को सौंपे जाने उन्होंने केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के संयुक्त सचिव को पत्र लिखकर 39.21 हेक्टेयर जमीन टिहरी बांध परियोजना के विस्थापितों के पुनर्वास के लिए दिए जाने बात कही है।
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