काशीपुर में पुलिस कस्टडी में किशोर की मौत के मामले में एसएसपी ने कोतवाल, चौकी प्रभारी और दो सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया।
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मृतक के पिता की तहरीर पर कटोराताल चौकी प्रभारी, दो पुलिस कर्मियों और लापता किशोरी के पिता व भाई के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी पुलिस कर्मियों के सस्पेंड होने की जानकारी मिलने के बाद लोग शांत हुए। उसके बाद ही लोगों ने सरकारी अस्पताल से शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई है।
बता दें कि मोहल्ला काजीबाग निवासी व्यक्ति की नाबालिग बेटी 24 फरवरी को लापता हो गई थी। उसने बेटी के लापता होने के पीछे बैलजुड़ी निवासी मोहम्मद यामीन के बेटे जियाउद्दीन रजा पर शक जताते हुए कटोराताल चौकी में शिकायत की थी। 26 फरवरी को यामीन ने अपने बेटे को पूछताछ के लिए कटोराताल चौकी पुलिस को सौंप दिया।
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मंगलवार की देर शाम जियाउद्दीन रजा (16) की कटोराताल चौकी में संदिग्ध मौत हो गई। सूचना मिलने पर जब परिजन चौकी पहुंचे तो कोई नहीं मिला। जब वह अस्पताल पहुंचे तो वहां स्ट्रेचर पर जियाउद्दीन का शव देखकर उनका गुस्सा फूट पड़ा। बसपा प्रत्याशी मोहम्मद अशरफ, हसीन खान, पूर्व पालिकाध्यक्ष शम्सुद्दीन, आसिफ रजा, मोहम्मद आरिफ, डॉ. यूनुस चौधरी, आदेश चौहान, मुकेश मेहरोत्रा, संदीप सहगल सहित बड़ी तादाद में लोग अस्पताल पहुंच गए।
किशोर की मौत से लोगों में खासा आक्रोश
पुलिस हिरासत में किशोर की मौत से लोगों में खासा आक्रोश था। उन्होंने कोतवाल, चौकी प्रभारी सहित अन्य कर्मियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा काटा। बवाल होने की सूचना पर जिले भर से फोर्स और पुलिस अधिकारी पहुंच गए। लोग अस्पताल परिसर में ही नारेबाजी कर धरने पर बैठ गए। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र, एएसपी देवेंद्र पिंचा एसडीएम दयानंद सरस्वती ने गणमान्य लोगों से वार्ता कर उनकी मांग से एसएसपी सेंथिल अबुदई को अवगत कराया।
एसएसपी ने पुलिस कर्मियों को निलंबित करने के आदेश दिए। एएसपी डॉ. जगदीश ने धरने पर बैठे लोगों को बताया कि कप्तान ने तत्काल प्रभाव से कोतवाल ओम प्रकाश, चौकी प्रभारी प्रवीन सिंह, सिपाही बलवंत और वीरेंद्र को सस्पेंड कर दिया है। इसके बाद रात ढाई बजे लोगों ने धरना समाप्त किया।
बुधवार की सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंची भीड़ ने आरोपियों पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। लोग वहीं धरने पर बैठ गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
मृतक के पिता मोहम्मद यामीन की तहरीर पर कटोराताल चौकी प्रभारी प्रवीन सिंह, सिपाही बलवंत, वीरेंद्र दत्त, मृतक के खिलाफ तहरीर देने वाले लापता किशोरी के पिता और भाई के खिलाफ धारा 302, 201, 342 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। एएसपी ने लोगों को मुकदमे की फोटो कॉपी दी, तब जाकर करीब 11 बजे लोग शव का पोस्टमार्टम कराने पर राजी हुए। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।
पोस्टमार्टम हाउस में वरिष्ठ कांग्रेसी डॉ. यूनुस चौधरी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को फोन कर घटना के साथ ही पीड़ित परिवार की मांगों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि उनकी संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं। प्रदेश में 16 मार्च तक आचार संहिता प्रभावी है।
उसके बाद ही परिवार की सहायता की जा सकेगी। इधर पूरे मामले में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सेंथिल अबुदई घटना के बाद से लगातार अधीनस्थों से पल-पल की जानकारी लेते रहे। वह फोन पर ही मातहतों को निर्देश देते रहे। रात भर आईटीआई थाना क्षेत्र में रहने के बाद वह बुधवार की सुबह रुद्रपुर चले गए।
छावनी में तब्दील हुआ काशीपुर
पुलिस कस्टडी में किशोर की मौत से हुए बवाल के बाद पुलिस के हाथ-पांव फूल गए थे। स्थिति को नियंत्रण करने के लिए जिलेभर से पुलिस फोर्स मंगाने के साथ ही पुलिस अधिकारियों को बुला लिया गया। आईटीआई, कुंडा, जसपुर, बाजपुर, गदरपुर, रुद्रपुर सहित थाना, चौकियों से इंस्पेक्टर और दरोगाओं को बुलाया गया था।
सीओ राजीव मोहन, बाजपुर सीओ कैलाश पंवार, सीओ ट्रैफिक स्वतंत्र कुमार भी मौजूद रहे। पुलिस ने नगर के साथ ही बैलजुड़ी गांव को छावनी में तब्दील कर दिया था। कोतवाली, कटोराताल चौकी और पोस्टमार्टम हाउस में भी भारी फोर्स लगाई गई थी।