इसमें उद्योगों में रोजगार की डिमांड को देखा जाएगा। जिस सेक्टर व कोर्स में रोजगार की ज्यादा संभावनाएं हैं, उन कोर्सों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा। शासन स्तर पर विश्वविद्यालयों व कालेजों के विशेषज्ञों से भी नए कोर्स को लेकर राय ली जा रही है। इसके बाद प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।
प्रभारी सचिव उच्च शिक्षा अशोक कुमार ने बताया कि तकनीकी शिक्षा में नए कोर्स शुरू करने के लिए प्रस्ताव बनाने की प्रक्रिया चल रही है। समय के साथ तेजी टेक्नोलॉजी में बदलाव हो रहा है।
लेकिन तकनीकी शिक्षण संस्थान में आज भी पुराने कोर्स चलाए जा रहे हैं। जिस कारण पढ़ाई पूरी करने के बाद भी युवाओं को रोजगार के लिए भटकना पड़ता है। उद्योगों में मानव संसाधन की मांग के अनुसार भी कोर्स चलाने पर विचार किया जाएगा। इससे युवाओं को कोर्स करने के बाद उद्योगों में प्लेसमेंट मिल सकता है।