केंद्र से हरी झंडी मिलने के बाद अब इंस्टीट्यूट में सौ बेड का नया अस्पताल बनने के साथ ही नए उपकरण भी आएंगे। कैंसर के मरीजों को अंकोलॉजी फिजीशियन और अंकोलॉजी सर्जन की सुविधा भी यही पर मिल सकेगी।
मरीजों को कैंसर विशेषज्ञों से सलाह लेने के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हालांकि लगभग 14 हेक्टेयर वन भूमि को लेकर अभी पेच फंसा हुआ है। मेडिकल कालेज प्रबंधन और शासन के बीच जमीन हस्तांतरित करने को लेकर प्रक्रिया चल रही है।
स्टेट कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट को स्वीकृति मिलने की अनौपचारिक रूप से जानकारी मिल गई है। दो-तीन दिन के भीतर स्वीकृति संबंधी कागज केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से आने की संभावना है।
-डॉ. सीपी भैसोड़ा प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज