टिहरी बांध की झील में पुरानी टिहरी के समाने के नौ वर्ष पूरे होने पर वनस्थली में बनाए गए शहर के माडल पर दीप जलाए गए। इस दौरान आपदा में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि भी दी गई।
वनस्थली मंदिर मार्ग स्थित सुबोध बहुगुणा के आवास में टिहरी स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में जागर गायिका बसंती बिष्ट ने मां भगवती का जागर गाकर कार्यक्रम की शुरुआत की।
सूचना आयुक्त विनोद नौटियाल ने कहा कि सुबोध के बनाए माडल ने झील में डूब चुके शहर की यादें ताजा कर दीं। कहा कि इसके जरिये आने वाली पीढ़ियों को टिहरी की ऐतिहासिकता की जानकारी मिल सकेगी।
कार्यक्रम में विनोद उनियाल, प्रभाकर उनियाल, राजेंद्र तोमर, जोगेंद्र पुंडीर, सतीश द्विवेदी, मनोज जोशी आदि उपस्थित रहे।
पांच साल में बनाया ‘शहर’
31 जुलाई 2004 को टिहरी झील में समाया तो सुबोध बहुगुणा ने उसकी यादें सहेजने की ठानी। वर्ष 2006 में उन्होंने अपने घर के आंगन में प्लास्टर ऑफ पेरिस से टिहरी शहर का माडल बनाना शुरू किया।
पांच साल बाद 2011 में यह माडल पूरा हुआ। बहुगुणा ने बताया कि माडल में पुरानी टिहरी की हर इमारत और ऐतिहासिक धरोहर को जगह दी गई है।
खासियत यह है कि माडल में हर इमारत, हर क्षेत्र उसी तरह अवस्थित है, जैसा कि असल पुरानी टिहरी में था। करीब 18 फीट चौड़ा और इतना ही लंबा यह माडल छह फीट ऊंचा है।