फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तैनाती पर भारी शिक्षकों की रार, मामला पहुंचा CM के पास

Wed, 27 Jul 2016 01:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
तबादला - फोटो : डेमो पिक
विज्ञापन
प्रदेश में शिक्षक संगठनों के विरोध के चलते विवादों में रहा 1279 सीआरपी, बीआरपी की नियुक्ति का मामला अब मुख्यमंत्री के पास पहुंच गया है। स्थिति से अवगत कराए जाने के लिए शासन ने इसे सीएम हरीश रावत को भेजा है।
विज्ञापन


सीआरपी और बीआरपी के पद पर नियुक्ति के लिए शासन ने 2015 में चयन परीक्षा कराई थी, लेकिन परिणाम घोषित होने के बाद भी शिक्षकों में रार के चलते इनकी तैनाती नहीं हो पा रही है। राजकीय शिक्षक संघ जहां शासन पर इनकी तैनाती के लिए दबाव बनाए हुए हैं। वही प्राथमिक शिक्षक संघ इसके विरोध में सड़कों पर उतरने की तैयारी में हैं।

शिक्षक संघ का कहना
प्राथमिक शिक्षक संघ का कहना है कि सीआरपी, बीआरपी के पदों पर अब तक बेसिक के शिक्षकों की तैनाती होती रही है, लेकिन पहली बार इसके लिए करीब 900 पदों पर माध्यमिक के शिक्षकों का चयन किया गया है। इससे उनके प्रमोशन प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन


प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली ने कहा कि शासन की ओर से अनुमोदन के लिए फाइल सीएम को भेजी गई है, यदि चयनित सीआरपी, बीआरपी को हटाकर नये लोगों की तैनाती हुई तो संगठन इसके विरोध में दून की सड़कों पर उतरने को बाध्य होगा।

सीआरपी, बीआरपी मामले में अभी कोई निर्णय नहीं हुआ, मामला कोर्ट में भी चल रहा है, मुख्यमंत्री को सारी स्थिति से अवगत कराए जाने के लिए प्रकरण को उनके पास भेजा गया है।
-रंजना, अपर सचिव शिक्षा

यह है मामला 
प्रदेश में तत्कालीन शिक्षा सचिव मनीषा पंवार की ओर से पांच फरवरी वर्ष 2013 को सीआरसी और बीआरसी (जिसका नाम बदलकर बाद में सीआरपी और बीआरपी किया गया) के रिक्त पदों पर चयन का जीओ जारी किया गया था। इसके बाद एक अगस्त वर्ष 2013 को प्रमुख सचिव ओम प्रकाश की ओर से फिर से एक जीओ जारी हुआ कि बीआरपी और सीआरपी के रिक्त पदों पर चयन किया जाएगा। इसमें बीआरपी के 285 और सीआरपी के 994 पदों पर चयन होकर इनकी तैनाती होनी थी, लेकिन दो जीओ जारी होने के बावजूद मामला अधर में है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें