प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट डिजिटल इंडिया के तहत उत्तराखंड की अनदेखी का मामला सीएम हरीश रावत ने मंगलवार केंद्रीय संचार राज्य मंत्री मनोज सिन्हा के समक्ष रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेशनल ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (नोफन) के तहत उत्तराखंड के 95 विकासखंडों में से प्रथम चरण में मात्र 27 को किया शामिल किया गया, जबकि चारधाम में सुविधा नहीं दी गई। बार्डर एरिया में स्थापित होने वाले बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) का मुद्दा भी सीएम ने उठाया।
सीएम ने केंद्रीय राज्य मंत्री से चीन व नेपाल के अंतर्राष्ट्रीय सीमा से लगे जनपदों के दुर्गम एवं अतिवृष्टि आच्छादित लगभग 89 स्थानों में ’लो पावर सोलर बैटरी ऑपरेटेड मोबाइल टावर’ की स्थापना का भी अनुरोध किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री रावत ने नोफन के प्रथम चरण में ही विद्युत खंबों से एरियल ओएफ सी के माध्यम से चारधाम को जोड़ने की मांग रखी।
चारधाम रूट पर बीटीएस की मांग
सचिव आईटी दीपक कुमार ने बताया कि सीमांत जनपदों में मोबाइल फोन नेटवर्क कनेक्टिविटी के साथ चारधाम यात्रा मार्ग रूट पर दूरसंचार सेवाएं दुरुस्त करने के लिए बेस ट्रांसीवर स्टेशन (बीटीएस) जल्द स्थापित करने को कहा है।
सीमांत क्षेत्र में दूरसंचार सेवाओं को दुरुस्त करने भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सीमा सुरक्षा बल (एसएसबी) की 47 चेकपोस्टों पर बीटीएस लगाए जाने हैं। इसके अलावा संवेदनशील स्थानों पर भी टावर लगाने और चारधाम को सबसे पहले ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ने को कहा है।
एनआईआई पायलट प्रोजेक्ट में मांगे 16 करोड़
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रवि शंकर प्रसाद से भेंट कर के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत एनआईआई (नेशनल इनफोर्मेशन नेटवर्क) पायलट प्रोजेक्ट के तहत उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के चयन करने पर आभार व्यक्त करते हुए राज्य की मांग के सापेक्ष 16 करोड की धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया। हरिद्वार जिला मुख्यालय के सभी 6 ब्लॉक व 312 ग्राम पंचायतें एनआईआई से जोड़ी जानी है।