कर्मचारी हितों की अनदेखी
संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह के मुताबिक पुरानी पेंशन बहाली मांग के लिए कर्मचारी आंदोलन कर रहे हैं। इस मसले पर उन्होंने कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पेंशन यात्रा भी निकाली थी। लगातार मांग और आंदोलन के बाद भी कर्मचारी हितों की अनदेखी की जा रही है।
केस नंबर एक
जीआईसी चोपडयू पौड़ी गढ़वाल से लेक्चरर के पद पर सेवानिवृत्त हुए त्रिमूर्ति नेगी का वेतन 89 हजार रुपये था। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें अब 1272 रुपये पेंशन मिल रही है।
केस नंबर दो
जीआईसी सिद्धसौड रुद्रप्रयाग से लेक्चरर के पद पर सेवानिवृत्त हुए राजेश्वर थपलियाल 82 हजार रुपये वेतन पा रहे थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें 1300 रुपये पेंशन मिल रही है।
ये भी पढ़ें...Delhi MCD Election: प्रचार गरमाने 42 भाजपा नेता उत्तराखंड से रवाना, प्रदेश अध्यक्ष और संगठन महामंत्री भी गए
केस नंबर तीन
राजकीय प्राथमिक विद्यालय सेखोवाला, विकासनगर से सेवानिवृत्त हुए देहरादून के सुभाषनगर निवासी सुधीर आर्य करीब 70 हजार रुपये वेतन पा रहे थे। सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें 3361 रुपये पेंशन मिल रही है। उनका कहना है कि यह पेंशन उन्हें उन्हीं के काटे गए 40 प्रतिशत वेतन ब्याज मिल रहा है। जिसकी मूल राशि भी उनको नहीं मिलने वाली है।