नए सिरे से करनी पड़ रही थी मेरिट सूची तैयार
इस पर हाईकोर्ट ने शासन के उस आदेश को रद्द कर दिया। जिस शासनादेश में इन्हें शिक्षक भर्ती में शामिल न करने का आदेश किया गया था। इस बीच विभाग में शिक्षकों के आधे से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा चुकी थी। हाईकोर्ट के इस आदेश से विभाग को भर्ती के लिए नए सिरे से मेरिट सूची तैयार करनी पड़ रही थी।
शिक्षक भर्ती के आवेदन पर विचार करने का किया था आदेश
यही वजह थी कि विभाग इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में जाने की तैयारी में था, लेकिन इससे पहले बीएड टीईटी पास उम्मीदवार हाईकोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चले गए थे। सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के 14 सितंबर 2022 के उस फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी। जिसमें हाईकोर्ट ने एनआईओएस से डीएलएड करने वाले उम्मीदवारों के शिक्षक भर्ती के आवेदन पर विचार करने का आदेश किया था।
सरकार जानबूझकर भर्ती को लटका रही है। न्यायालय के अंतिम आदेश के अधीन रखते हुए शिक्षक भर्ती की जा सकती है। अन्य भर्तियों में भी ऐसा किया गया है। -प्रियंका रानी, बीएड अभ्यर्थी एवं सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता
31 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई है, कोई अंतिम फैसला आए बिना भर्ती शुरू नहीं की जानी चाहिए, यदि भर्ती शुरू की गई तो हम इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। -नंदन सिंह बिष्ट, अध्यक्ष एनआईओएस डीएलएड संगठन
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जब तक सुप्रीम कोर्ट से मामले का निपटारा नहीं होता भर्ती नहीं की जाएगी। इस प्रकरण को न्याय विभाग को भेजा गया था, विभाग का परामर्श आया है जो सशर्त है। यदि भर्ती कर दी और सुप्रीम कोर्ट का कुछ और आदेश आया तो शिक्षक भर्ती के उम्मीदवारों के भविष्य का क्या होगा। उच्च स्तर से भी यही निर्णय है। न्यायालय में दोनों पक्ष अपनी बात रख रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का जो आदेश होगा उसी के आधार पर भर्ती की जाएगी। -रविनाथ रमन, शिक्षा सचिव