देहरादून। शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होते हैं। सेवाकाल में रहते हुए वह बच्चों को शिक्षा देते हैं। सेवानिवृत्त के बाद वे अपने अनुभवों के आधार पर समाज को नई दिशा देने का काम करते हैं। यह बातें विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद्र अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को नगर निगम में जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ की ओर से आयोजित शिक्षक विदाई समारोह में कहीं।
विस अध्यक्ष ने कहा कि बच्चे जहां राष्ट्र के धरोहर हैं वहीं शिक्षक राष्ट्र के प्रहरी हैं। छात्रों को विदा हो रहे शिक्षकों के अनुभवों का अनुसरण करना चाहिए। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि शिक्षक जीवन पर्यंत समाज और देश को नई दिशा देने का कार्य करता है। शिक्षक ही देश को नेता, अभिनेता और अच्छा नागरिक देता है। इस अवसर पर शिक्षक संघ की ओर से वर्ष 2018 व 2019 में सेवानिवृत्त हुए जिले के 49 शिक्षकों को सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्य शिक्षा अधिकारी आशा पैन्यूली, प्रदेश अध्यक्ष विनोद थापा, प्रदेश महामंत्री राजेंद्र बहुगुणा, सतीश घिल्डियाल, जिला अध्यक्ष रघुवीर सिंह पुंडीर, कोषाध्यक्ष विजय बहादुर, कुंवर सिंह राणा, जिला महामंत्री सूरज मंद्रवाल, अनूप शर्मा, देवेंद्र, कनक सेमवाल, कांति करासी, शोभा नेगी, संजय सेमवाल, अजय राणा आदि मौजूद रहे।
शिक्षा मंत्री को सौंपा चार सूत्री मांगपत्र
देहरादून। विदाई समारोह के दौरान शिक्षक संघ की ओर से शिक्षा मंत्री को चार सूत्री मांग पत्र सौंपा गया। मांग पत्र में संघ की ओर से वर्ष 2006 के बाद चयनित व पदोन्नत शिक्षकों को 17140 रुपये वेतनमान का लाभ देने, प्रत्येक जूनियर हाईस्कूल में एक प्रधानाध्यापक की व्यवस्था सुनिश्चित करने, स्कूल में अंग्रेजी विषय का एक अध्यापक नियुक्त करने, स्थानांतरण में दुर्गम से दुर्गम पारस्परिक स्थानांतरण की भांति सुगम से सुगम का प्रावधान करने की मांग की। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि जो भी उचित मांगें होंगी उन पर अवश्य ही विचार किया जाएगा।