उत्तराखंड के मंगलौर में लिब्बरहेड़ी जूनियर हाईस्कूल के कक्षा आठ के छात्र को स्कूल में ही बंद करके शिक्षक घर चले गए। बताया जाता है कि छुट्टी के वक्त वह क्लासरूम में ही सो गया था और चपरासी ने ताला लगा दिया।
बच्चे की नींद खुली तो उसने शोर मचाया। शोर सुनकर पहुंचे लोगों ने ताला खुलवाकर छात्र को बाहर निकलवाया। लिब्बरहेडी गांव निवासी 14 वर्षीय रजत गांव के ही जूनियर हाईस्कूल में कक्षा आठ का छात्र है।
क्लास में सो गया
शनिवार सुबह आठ बजे वह स्कूल गया था। स्कूल की छुट्टी डेढ़ बजे होती है। लेकिन छुट्टी से पहले ही वह क्लास में सो गया। छुट्टी होने के बाद चपरासी ने स्कूल को ताला लगा दिया गया।
करीब साढ़े चार बजे रजत की आंख खुली। नींद खुलने पर क्लास में खुद को बंद देख उसने चिल्लाना शुरू कर दिया। उसकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए।
बच्चा स्कूल में बंद
इसी बीच छात्र के परिजन भी उसके घर न पहुंचने पर परेशान होकर उसे तलाश कर रहे थे। परिजनों को सूचना मिली की उनका बच्चा स्कूल में बंद है। जिसके बाद परिजन स्कूल पहुंच गए।
परिजनों ने स्कूल के प्रधानाध्यापक नवीन सैनी को इसकी सूचना दी। जिसके बाद स्कूल के चपरासी को मौके पर बुलाया गया। शाम करीब छह बजे स्कूल का ताला खोलकर उसे बाहर निकला गया।
खंड शिक्षा अधिकारी ओपी वर्मा का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएंगी। दोषी पाए जाने वाले के खिलाफ कार्रवाई की जाएंगी।