उत्तराखंड में शिक्षकों की तबादला नियमावली में फिर संशोधन की तैयारी है। अधिकारियों के अनुसार इसका ड्राफ्ट तैयार है।
तबादला सत्र घोषित करना पड़ा शून्य सत्र
जल्द ही इसके फाइनल होने की उम्मीद है। विभाग ने वर्ष 2012 में तबादला नियमावली तैयार की थी। लेकिन खामियों पर शिक्षक संगठनों के भारी विरोध के चलते तबादला सत्र शून्य सत्र घोषित करना पड़ा था।
नियमावली में कुछ संशोधन के बाद वर्ष 2013-14 में शिक्षकों के तबादले हुए थे। अब दोबारा नियमावली को संशोधन की तैयारी है।
शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय में अपर निदेशक माध्यमिक नरेंद्र बहुगुणा और अन्य अधिकारियों ने प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल के साथ इस संबंध में चर्चा की।
संघ पदाधिकारियों ने कहा कि नियमावली में स्कूलों का वर्गीकरण ठीक से नहीं हुआ है। पूर्व में दुर्गम क्षेत्रों में सेवा का लाभ शिक्षकों को नहीं मिल पा रहा है।
प्रतिनिधिमंडल में संघ के प्रांतीय अध्यक्ष निर्मला मेहर, प्रदेश महामंत्री दिग्विजय चौहान, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रेम सिंह गुसांई, हरीश पांडे शामिल थे।
तबादला नियमावली में संशोधन किया जा रहा है, इसमें संशोधन से पहले विभिन्न शिक्षक संगठनों की राय ली जा रही है। इसके बाद शासन में बैठक होगी और इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।
- सीएस ग्वाल, शिक्षा निदेशक माध्यमिक
यह हो सकता है संशोधन
- 50 से अधिक उम्र के शिक्षकों को अनिवार्य तबादले से छूट
- सुगम स्कूलों में प्रथम नियुक्ति और प्रमोशन पर रोक हटेगी
- दुर्गम में रहे शिक्षकों को प्रमोशन के बाद दुर्गम क्षेत्र में नहीं भेजेंगे
- सुगम से सुगम में म्युचुअल व अनुरोध के आधार पर तबादले होंगे