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लंबे टाइम से छुट्टी गए गुरुजी की 'परमानेंट छुट्टी'

Tue, 28 Apr 2015 01:29 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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उत्तराखंड के टिहरी जिले में शिक्षा विभाग के तीन अधिकारी नपे हैं। एक से लेकर पांच साल की समयावधि से अनुपस्थित चल रहे 45 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है।
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स्कूलों और कार्यालयों के निरीक्षण के बाद इसकी समीक्षा करते हुए शिक्षा महानिदेशक डी सेंथिल पांडियन की ओर से यह कार्रवाई की गई है।

रौसाल टिहरी में प्रस्तावित बालिका छात्रावास को बगैर विभाग के उच्च स्तरीय अनुमोदन के प्रस्तावित स्थल से 40 किलोमीटर दूर अखोड़ी में बना दिए जाने एवं कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय को दोहरे भुगतान किए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक टिहरी अतुल सेमवाल पर गाज गिरी है।

शिक्षा महानिदेशक ने उन्हें तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक एवं जिला परियोजना अधिकारी रमसा के पद से हटाकर अपर शिक्षा निदेशक पौड़ी के कार्यालय में संबद्ध कर दिया है। उनके निलंबन एवं विभागीय कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की गई है।
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लापरवाही पर प्रभारी खंड शिक्षा अधिकारी जाखणीधार एमएम थपलियाल को पद से हटाकर उनके कार्यों की जांच के आदेश दिए गए हैं। उनका प्रभार उप शिक्षा अधिकारी वाईएस चौहान को दिया गया है।

शिक्षकों के बीच समन्वय न होने, प्रयोगशाला संचालित न होने एवं यू डायस डाटा अपडेट न होने पर राजकीय इंटर कालेज फकोट के प्रभारी प्रधानाचार्य चंद्रभान गुप्त को हटाकर जांच के आदेश दिए गए हैं।

उप शिक्षा अधिकारी चंबा की कार्यप्रणाली असंतोषजनक पाए जाने पर उन्हें चेतावनी जारी की गई है। स्कूलों से नदारद चल रहे प्रारंभिक शिक्षा के 25 और माध्यमिक स्कूलों के 45 शिक्षकों को भी बर्खास्त कर दिया गया है।

इनकी होगी जांच
स्कूलों के निरीक्षण के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी चंबा के कार्यालय में वर्ष 2014 की छात्रवृत्ति के चेक मिलने पर शिक्षा महानिदेशक ने जांच के निर्देश दिए हैं। सर्व शिक्षा के स्कूलों के शिक्षकों के राज्य सरकार एवं एसएसए से दोहरा वेतन लेने के भी जांच के निर्देश दिए हैं।

शिक्षकों के अटैचमेंट समाप्त
शिक्षा महानिदेशक डी सेंथिल पांडियन ने कहा विभाग के विभिन्न कार्यालयों, स्कूलों में संबद्ध शिक्षकों की संबद्धता समाप्त करने के भी निर्देश दिए हैं। इन शिक्षकों को संबद्ध करने के लिए उत्तरदायी अधिकारियों की भी जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं शिक्षकविहीन उन स्कूलों में जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद स्कूलों के संचालन के लिए शिक्षकों की व्यवस्था की जाएगी।

इन शिक्षकों का होगा सम्मान
बेहतर कार्य पर कुछ शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा महानिदेशक ने कहा कि प्राथमिक विद्यालय मगसू में प्रधानाध्यापिका सवित्री चौहान, इसी स्कूल की सहायक अध्यापिका रेवाश्री, मीना भंडारी, बृजभूषण उनियाल, उच्च प्राथमिक विद्यालय ल्वेदन की प्रधानाध्यापिका कुसुम नौटियाल को बेहतर कार्य पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
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