शिक्षा विभाग की देरी के चलते पिछले साल की तरह इस वर्ष भी तबादले लटक सकते हैं। शिक्षा विभाग में अनिवार्य और अनुरोध के आधार पर तबादलों के बाद अब कुल तबादलों के तीन फीसदी शिक्षकों के तबादले होने हैं। इसके लिए 1200 से अधिक शिक्षकों ने आवेदन किया है, लेकिन अभी आवेदन निदेशालय से शासन को नहीं भेजे जा सके हैं।
अभी तक आवेदन नहीं पहुंचे
शिक्षकों के तबादलों के लिए बनी नियमावली में तबादलों के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। कुछ शिक्षक इस नियमावली में नहीं आते। ऐसे में बचे हुए शिक्षक जो तबादला चाहते हैं वे विभाग में 29 (1) नियम के तहत आवेदन करते हैं। इन शिक्षकों के तबादले शासन की कमेटी करती है।
इसके लिए इस साल हुए कुल तबादलों के तीन फीसदी तबादले होने हैं। आधा शिक्षा सत्र बीतने के बावजूद आवेदन शासन में नहीं पहुंच पाए हैं। इसकी वजह विभागीय अधिकारियों की हीलाहवाली के साथ ही तबादलों के लिए मंत्रियों और विधायकों का जबरदस्त दबाव बताया जा रहा है। ऐसे में शिक्षकों के तबादले लटकने की संभावना है।
35 शिक्षकों के होने हैं तबादले
शिक्षा विभाग में 29 (1) नियम के तहत उन शिक्षकों के तबादले किए जाते हैं जो नियमावली के तहत नहीं आते हैं। शासन की कमेटी यह तबादले करती है, इस नियम के तहत 35 शिक्षकों के तबादले होने हैं, लेकिन आवेदन अधिक आने से अधिकारियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
इनका है कहना
मंडलीय अधिकारियों को बुलाकर आवेदनों की समीक्षा की जा रही है। अब भी मंडलों से आवेदन पहुंच रहे हैं। एक-दो दिन के भीतर इसे शासन की समिति को भेज दिया जाएगा।
-राकेश कुंवर, शिक्षा निदेशक माध्यमिक शिक्षा