उत्तराखंड में 2794 शिक्षकों की भर्ती के दौरान काउंसिलिंग के बाद कई सीटें रिक्त रह गई हैं। प्रशिक्षित बेरोजगार बेकरार हैं कि जल्द इन रिक्त सीटों पर दोबारा काउंसिलिंग या भर्ती की जाए।
एससीईआरटी के पास रिक्त सीटों की संख्या नहीं पहुंची
भर्ती की मांग को बेरोजगार शिक्षा निदेशालय में आंदोलन भी कर रहे हैं, लेकिन शिक्षा विभाग इस सब से बेपरवाह बना हुआ है।
अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दो माह बाद भी एससीईआरटी के पास रिक्त सीटों की संख्या नहीं पहुंची हैं। एससीईआरटी ने सितंबर में चयनित शिक्षकों की सूची जारी की थी।
सूची जारी होने के बाद विभिन्न जिलों को पद आवंटित कर काउंसिलिंग कराई गई, लेकिन पहले से सरकारी विभाग में कार्यरत कई चयनित अभ्यर्थी काउंसिलिंग के लिए नहीं पहुंचे।
इससे हुआ यह कि चंपावत, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, पौड़ी गढ़वाल, देहरादून, अल्मोड़ा आदि जिलों करीब ढाई सौ से अधिक पद रिक्त रह गए।
इन पदों पर प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थियों की नियुक्ति होनी है। काउंसिलिंग के लिए अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद भी अब तक एससीईआरटी के पास रिक्तियां नहीं पहुंची। यही नहीं शिक्षकों की भर्ती के बढ़ाए गए 389 पदों का मामला भी लटका है। इन पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं हो पायी है।
कुछ जिलों ने अभ्यर्थियों का काउंसिलिंग के लिए पहुंचने का समय बढ़ाया है, यही वजह है कि विभिन्न जिलों से अब तक रिक्तियां नहीं मिल पाई हैं। कहा कितने पद रिक्त रह गए हैं जिलों से इसका ब्यौरा आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- आरडी शर्मा, अपर निदेशक एससीईआरटी
शिक्षक भर्ती के 389 पद बढ़ाए गए हैं। इन पदों पर हाल ही में हुई शिक्षक भर्ती के रिक्त पदों के साथ जोड़कर अलग से विज्ञप्ति प्रकाशित कर भर्ती की जाएगी।
- एमसी जोशी, शिक्षा सचिव