उन्होंने अनुशासन बनाने और छात्रों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने लिए प्रेरित करने के लिए ये कदम उठाया है। वहीं प्रधानाचार्य अभिषेक श्रीवास्तव का कहना है कि वह अवकाश पर थे। उन्होंने माना कि स्कूल परिसर में बाल काटे गए हैं। कहा कि पूर्व में अभिभावक संघ की बैठक में लंबे बाल के लिए छात्रों को मना किया गया था।
छात्रों का अनुरोध भी ठुकराया
जीआईसी भिंगराड़ा के कई छात्रों ने शिक्षक से बाल नहीं काटने का अनुरोध करते हुए अगले दिन बाल कटवाकर आने की बात कही। कुछ अभिभावकों ने बताया कि छात्रों ने यहां तक कहा कि अगर स्कूल में ही बाल काटना जरूरी है तो वे आपस में ही एक-दूसरे के बाल काट लेंगे। मगर इस आग्रह को भी नहीं माना गया।
मैं धूरा के बहुउद्देश्यीय शिविर में गया था। अभी यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। प्रधानाचार्य से पूरे प्रकरण की जानकारी लेने के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
आरसी पुरोहित, मुख्य शिक्षाधिकारी, चंपावत।