अनिवार्य तबादलों के बावजूद नई तैनाती पर ज्वाइन न करने वाले 22 शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। इनमें गढ़वाल मंडल के नौ एलटी सहायक अध्यापक एवं आठ प्रवक्ताओं के अलावा बेसिक के पांच शिक्षक भी शामिल हैं।
जबकि अन्य शिक्षकों पर भी निलंबन की तलवार लटक रही है। सोमवार को प्रमुख सचिव शिक्षा की बैठक में अन्य शिक्षकों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
एक स्थान पर ही जमे हैं शिक्षक
13 सितंबर को प्रदेश में वर्षों से एक ही स्थान पर जमे शिक्षकों के तबादले किए गए थे। तबादलों के बाद इन शिक्षकों को एकतरफा रिलीव कर दिया गया था। इन्हें दो सप्ताह के भीतर नई तैनाती पर ज्वाइन करना था, लेकिन तबादलों से बचने के लिए कई शिक्षक बीमार पड़ गए। इन शिक्षकों ने दो सप्ताह तो दूर दो महीने बाद भी नई तैनाती पर ज्वाइन नहीं किया।
प्रमुख सचिव शिक्षा ने की समीक्षा बैठक
प्रमुख सचिव शिक्षा एस राजू ने शिक्षा निदेशालय में विभाग की समीक्षा बैठक में 15 नवंबर तक ज्वाइन न करने वाले शिक्षकों को निलंबित करने के आदेश दिए थे।
इस बीच 15 को छुट्टी के चलते शिक्षकों को ज्वाइन करने के लिए अंतिम अवसर के रूप में 16 नवंबर तक का समय दिया गयाथा। लेकिन अंतिम तिथि तक लगभग 273 शिक्षकों ने ज्वाइन नहीं किया। विभाग के पास इन शिक्षकों के ज्वाइनिंग की कोई सूचना नहीं है।
गढ़वाल मंडल में ये शिक्षक हुए निलंबित
निलंबित प्रवक्ताओं में अजय कुमार बिष्ट, रश्मि बौठियाल, अख्तर खान, अरुणा सिंह, रचना अग्रवाल, ऊषा मेहरा, नरेंद्र कुमार, दिनेश सिंह रावत। एलटी में अनिल कुमार पांडे, महेंद्र सिंह, कामिनी कपूर, विमला डबराल, मधु जोशी, अनिता बहुगुणा, संगीता खत्री, हर्षिता मिश्रा व अनीता बिष्ट शामिल हैं।