अंटार्कटिका की सबसे ऊंची और दुर्गम चोटी माउंट विनसन मैसिफ पर तिरंगा फहराकर उत्तराखंड की ताशी-नुंग्शी ने नया इतिहास रच दिया है। माउंट विनसन पर फतह के साथ दोनों बहनों ने मिशन टू फॉर सेवन (दो बहनों का दुनिया की सात सबसे ऊंची चोटियों पर चढ़ने का मिशन) भी पूरा कर लिया।
23 वर्षीय ताशी और नुंग्शी सेवन समिट पूरा करने वाली दुनिया की पहली जुड़वां बहनें बन गई हैं। भारत से यह उपलब्धि हासिल करने वाली भी वे पहली पर्वतारोही हैं। खास बात यह है कि यह मिशन पूरा करने में उन्हें महज दो साल का वक्त लगा।
देहरादून के जोहड़ी गांव निवासी ताशी-नुंग्शी के मिशन 2 फॉर 7 का सातवां पड़ाव अंटार्कटिका का माउंट विनसन था। करीब 16045 फीट ऊंची पर्वत चोटी पर पहुंचने के लिए ताशी-नुंग्शी ने बेस कैंप से सात दिसंबर को चढ़ाई शुरू की।
हॉल ऑफ फेम में हुई शामिल
पर्वतारोहण के लिए सबसे दुर्गम मानी जाने वाली इस चोटी पर चढ़ने में ताशी-नुंग्शी को दस दिन लगे। -40 (माइनस 40) डिग्री तापमान में ताशी-नुंग्शी ने अंटार्कटिका के स्थानीय समय के अनुसार 16 दिसंबर की शाम चार बजे (भारतीय समयानुसार 17 दिसंबर की रात 12:30 बजे) माउंट विनसन फतह की।
थाली बजाकर खुशी का इजहार करने के साथ ही दोनों बहनों ने चोटी पर तिरंगा फहराया। दोनों बहनों का लक्ष्य 18 दिसंबर (बृहस्पतिवार) की शाम तक बेस कैंप पर पहुंच जाएंगी।
गिनीज बुक में दर्ज है नाम
माउंट विनसन पर फतह के साथ ताशी-नुंग्शी सेवन समिट क्लब (दुनिया की सात चोटियां चढ़ने वालों का क्लब) के हाल ऑफ फेम में भी शामिल हो गई हैं। हाल ऑफ फेम में करीब 450 पर्वतारोही शामिल हैं। दोनों का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड के 60वें एडिशन रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी दर्ज हो चुका है।
इसके बाद जाएंगी ‘दुनिया की हद तक...’
विश्व की सबसे ऊंची सात पर्वत चोटी फतह करने के तुरंत बाद ताशी-नुंग्शी अब साउथ पोल के मिशन पर रवाना होंगी। 19 दिसंबर से शुरू हो रहे मिशन को दोनों बहनों ने ‘ऊंचाइयों से आगे दुनिया की हद तक...’ नाम दिया है। इसके जरिये वे दुनिया को बालिकाओं के सशक्त होने का संदेश देना चाहती हैं। यह मिशन महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी प्रायोजित (स्पांसर) कर रही है।
खास बात यह है कि 29 दिसंबर को खत्म होने वाले इस मिशन के लिए दोनों बहनें 120 किलोमीटर तक स्कीइंग करेंगी। बिना किसी पोर्टर की मदद के वे खुद 70 किलो वजन उठाकर जाएंगी। इस दौरान अत्यधिक वायु दबाव और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बर्फीली हवाओं का सामना उन्हें करना होगा।
ताशी-नुंग्शी के पिता वीके मलिक का कहना है कि अब तक 30 लोग साउथ पोल जा चुके हैं, जिनमें 5-6 महिलाएं हैं। ताशी-नुंग्शी पहली जुड़वा बहनें होंगी, जो एक साथ साउथ पोल स्कीइंग कर जाएंगी।
मुख्यमंत्री बोले, बेटियों ने बढ़ाया गर्व
ताशी-नुंग्शी की कामयाबी पर प्रदेश के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भी खुशी जताई है। जुडवां बहनों को बधाई देते हुए उन्हाेंने कहा कि इन बेटियों ने उत्तराखंड और देश का सम्मान बढ़ाया है। कहा कि पूरा उत्तराखंड इनकी सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है।
गौरतलब है कि ताशी-नुंग्शी दुनिया की सात सबसे ऊंची चोटियां फतह करने वाली पहली जुड़वा बहने हैं। इसे इन्होंने मिशन 2 फॉर 7 नाम दिया था।
ये है मिशन 2 फॉर 7
-माउंट किलिमंजारो, दक्षिण अफ्रीका(19341 फीट)- फरवरी 2013
-माउंट एवरेस्ट, नेपाल (29029 फीट)- 19 मई 2013
-माउंट एल्ब्रुस, रूस (18510 फीट)- अगस्त 2013
-माउंट अकांकागुआ, दक्षिण अमेरिका (22837 फीट)- जनवरी 2014
-माउंट कार्स्टेंज पिरमिड, ऑस्ट्रेलिया (16024 फीट)- मार्च 2014
-माउंट मेकिनली, उत्तरी अमेरिका (20237 फीट)- 4 जून 2014
-माउंट विनसन अंटार्कटिका (16050 फीट)- 16 दिसंबर 2014