तापमान -40 डिग्री, चारों ओर बर्फ के अलावा कुछ नहीं... ऐसे हालात में 70 किलो वजन के साथ 120 किलोमीटर स्कीइंग। दुनिया के सबसे ठंडे क्षेत्र साउथ पोल में नामुमकिन लगने वाले इस मिशन को मुमकिन करने की ठानी है ताशी और नुंग्शी ने।
इसे दुनिया का अंतिम छोर भी कहा जाता है। इससे पहले दोनों बहनें मिशन टू फॉर सेवन को पूरा करेंगी। इसके तहत वे दुनिया की छह सबसे ऊंची चोटियां फतह कर चुकी हैं और अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विनसन आखिरी मंजिल है। इसके बाद उनका लक्ष्य साउथ पोल है, जो 19 दिसंबर से शुरू होगा। इस मिशन को उन्होंने नाम दिया है ‘ऊंचाइयों से आगे, दुनिया की हद तक’। इसे महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी स्पांसर कर रही है।
खास बात यह है कि मिशन साउथ पोल में उनके साथ कोई सहयोगी भी नहीं होगा। वे खुद ही 70 किलो का वजन उठाकर स्कीइंग करते हुए जाएंगी। पिता वीएस मलिक ने बताया कि साउथ पोल में स्कीइंग को लास्ट डिग्री स्कीइंग कहा जाता है। साउथ पोल में कई साल पहले -80 डिग्री से अधिक तापमान दर्ज किया गया था। फिलाहल वहां तापमान -40 डिग्री है। मिशन 19 से 29 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान एयर प्रेशर और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बर्फीली हवाओं में स्कीइंग करना चुनौती भरा होगा।