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दुनिया के अंतिम छोर तक जाएंगी ताशी, नुंग्शी

Thu, 27 Nov 2014 11:25 AM IST
अंशुल डांगी/अमर उजाला, देहरादून
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तापमान -40 डिग्री, चारों ओर बर्फ के अलावा कुछ नहीं... ऐसे हालात में 70 किलो वजन के साथ 120 किलोमीटर स्कीइंग। दुनिया के सबसे ठंडे क्षेत्र साउथ पोल में नामुमकिन लगने वाले इस मिशन को मुमकिन करने की ठानी है ताशी और नुंग्शी ने।
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इसे दुनिया का अंतिम छोर भी कहा जाता है। इससे पहले दोनों बहनें मिशन टू फॉर सेवन को पूरा करेंगी। इसके तहत वे दुनिया की छह सबसे ऊंची चोटियां फतह कर चुकी हैं और अंटार्कटिका की सबसे ऊंची चोटी माउंट विनसन आखिरी मंजिल है। इसके बाद उनका लक्ष्य साउथ पोल है, जो 19 दिसंबर से शुरू होगा। इस मिशन को उन्होंने नाम दिया है ‘ऊंचाइयों से आगे, दुनिया की हद तक’। इसे महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी स्पांसर कर रही है।

खास बात यह है कि मिशन साउथ पोल में उनके साथ कोई सहयोगी भी नहीं होगा। वे खुद ही 70 किलो का वजन उठाकर स्कीइंग करते हुए जाएंगी। पिता वीएस मलिक ने बताया कि साउथ पोल में स्कीइंग को लास्ट डिग्री स्कीइंग कहा जाता है। साउथ पोल में कई साल पहले -80 डिग्री से अधिक तापमान दर्ज किया गया था। फिलाहल वहां तापमान -40 डिग्री है। मिशन 19 से 29 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान एयर प्रेशर और 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली बर्फीली हवाओं में स्कीइंग करना चुनौती भरा होगा।
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मुख्यमंत्री ने दिखाई हरी झंडी

मिशन टू फॉर सेवन के अंतिम लक्ष्य माउंट विनसन के लिए बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 10 बजे ताशी और नुंग्शी को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने 10 लाख का चेक देकर फ्लैग ऑफ कर शुभकामनाएं दी। 16,045 फीट ऊंची यह चोटी साउथ पोल से 660 न्यूटिकल माइल की दूरी पर स्थित है।

वीएस मलिक ने बताया कि 29 नवंबर की रात दोनों बहनें दिल्ली से चिली के लिए रवाना होंगी। सात दिसंबर से पहाड़ी की चढ़ाई शुरू होगी और मौसम साफ होने पर 18 दिसंबर को चोटी पर पहुंचने का लक्ष्य है। इससे फतह करते ही दोनों बहने सेवन सम्मिट क्लब के हाल ऑफ फेम में शामिल हो जाएंगी।

18 लाख का है उधार
वीएस मलिक ने बताया कि इस मिशन पर 65 लाख रुपये का खर्च हो रहा है। इसके लिए उन्होंने 18 लाख रुपये उधार लिए हैं। जबकि 30 लाख रुपये व्यक्तिगत डोनेशन से मिले हैं। ताशी और नुंग्शी ने भी स्कूलों में सेशन लिए हैं, जिससे करीब ढाई लाख रुपये जमा हुए। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने दोनों बहनों को विश्व कीर्तिमान बनाने के लिए पूरी मदद करने का आश्वासन दिया है।
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