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Tarot Reading: ज्योतिष महाकुंभ में दूर हुआ भ्रम...तुक्का या अंधविश्वास नहीं, अंतरमन की ऊर्जा है टैरो रीडिंग

Mon, 26 Jan 2026 08:56 PM IST
अलका त्यागी माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून

सार

अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ के आखिरी दिन टैरो रीडिंग को लेकर विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इसमें टैरो कार्ड रीडर्स ने अपने अनुभव साझा किए।
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टैरो कार्ड रीडिंग पर सत्र - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अमर उजाला ज्योतिष महाकुंभ के आखिरी दिन पत्तों के साथ पलटेगी किस्मत विषय पर टैरो रीडर्स ने मंथन किया। उन्होंने कहा, टैरो रीडिंग तुक्का या अंधविश्वास नहीं है, यह व्यक्ति के अंतरमन, भावनाओं और मानसिक ऊर्जा को समझने और मार्गदर्शन देने का एक साधन है। इसलिए इसे अंधविश्वास या तुक्का कहना गलत होगा। इस सत्र का संचालन अमर उजाला की पत्रकार रेनू सकलानी ने किया।

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तुरंत मिलने वाले परिणाम से टैरो रीडिंग बना युवाओं की पसंद
दीप्ति सलवान ने कहा, टैरो कार्ड रीडिंग युवाओं के बीच आकर्षण का केंद्र है। इसकी मुख्य वजह तुरंत मिलने वाला परिणाम है। उन्होंने कहा, आज युवाओं के पास समय का अभाव है और उनके पास इतना वक्त नहीं है कि वह लंबे समय तक बैठ कर अपनी कुंडली दिखाएं। इतना ही नहीं युवाओं के पास गृहों की दशाओं को भी समझने का समय नहीं है। नतीजन दो दिवसीय ज्योतिष महाकुंभ में अधिकतर युवाओं ने अपने सवालों का जवाब टैरो से ढूंढने का प्रयास किया।

टैरो में उपाय कम, सुधार की संभावना अधिक
लीजा गुप्ता ने कहा, टैरो रीडिंग में उपाय कम है और इसमें खुद को सुधारने की संभावनाएं अधिक हैं। यही वजह है कि आज टैरो रीडिंग लोगों की पसंद बन रहा है। खासकर आज का युवा उपाय में कम विश्वास रखता है और खुद में सकारात्मक बदलाव व सुधार के लिए ज्यादा विश्वास करता है। इतना ही टैरो विद्या हर उस युवा को मार्गदर्शन करने का भी काम करता है, जो चुनौतियों का सामना करने से नहीं घबराते।
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वैदिक शास्त्र का ही हिस्सा है टैरो
अंजलि अरोड़ा ने कहा, टैरो कार्ड रीडिंग वैदिक शास्त्र का ही हिस्सा है, क्योंकि इसका आधार भी प्राचीन ज्ञान और मानसिक संतुलन पर होता है। इसके कुछ पहलू वैदिक ज्योतिष और भारतीय शास्त्रों से प्रेरित हैं। वेदों, उपनिषदों और ज्योतिष में भविष्यवाणी के लिए संकेत प्राप्त करने के कई तरीकों का वर्णन किया गया है, जिनमें प्रतीक, ग्रह और आकाशीय घटनाओं का अध्ययन किया गया है। उसी तरह से टैरो भी प्रतीकों और कार्ड्स के माध्यम से मनुष्य की परिस्थितियों और भविष्य को समझने का एक तरीका है।

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तुक्का नहीं है टैरो रीडिंग
केएल रतूड़ी ने कहा, टैरो रीडिंग तुक्का या अंधविश्वास नहीं है। यह एक प्राचीन और विचारशील प्रणाली है जो प्रतीकों, कार्ड्स और ऊर्जा के माध्यम से व्यक्ति के जीवन की दिशा, मानसिक स्थिति और भावनाओं को समझने का एक तरीका है। टैरो के प्रभावी और सही तरीके से काम करने के लिए विश्वास बहुत महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति का विश्वास इस प्रणाली में नहीं है, तो उसका अनुभव अधूरा और उतना सटीक नहीं हो सकता। टैरो व्यक्ति के अवचेतन मन और आंतरिक भावनाओं को बाहर लाता है। वहीं, टैरो रीडिंग और काला जादू में अंतर बताते हुए उन्होंने कहा, टैरो कार्ड रीडिंग सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा को मिलाकर कार्य करता है और इसका उद्देश्य किसी के जीवन को बेहतर दिशा देना और आत्मिक जागरूकता बढ़ाना होता है, न कि किसी को हानि पहुंचाना।

अंतरमन की ऊर्जा से जुड़ा है टैरो रीडिंग
राशि चंदोला ने कहा, टैरो कार्ड रीडिंग अंतरमन की ऊर्जा से जुड़ी हुई है, क्योंकि यह किसी व्यक्ति की मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक स्थिति को समझने का एक माध्यम है। जब हम टैरो का उपयोग करते हैं, तो यह मुख्य रूप से हमारे आंतरिक विचारों, भावनाओं, और ऊर्जा को उजागर करने में मदद करता है। कार्ड्स का चयन और उनका अर्थ इस अंतरमन की गहरी समझ को बाहर लाने के लिए काम करता है। यही वजह है कि लोग इसकी ओर आकर्षित हुए हैं। उधर अब हम नई पीढ़ी को जन्मदिन पर वर्षफल पूजन की भी जानकारी नहीं दे रहे हैं तो युवा टैरो रीडिंग की ओर बढ़ रहे हैं। काले जादू से यह पूरी तरह अलग है, क्योंकि काले जादू में बाहरी ताकतों का उपयोग किया जाता है, जबकि टैरो व्यक्ति के अंदर की ऊर्जा और मानसिक स्थिति के आधार पर काम करता है। टैरो का उद्देश्य हमेशा सकारात्मक मार्गदर्शन और आध्यात्मिक जागरूकता लाना होता है, न कि किसी का नुकसान करना या नकारात्मक ऊर्जा फैलाना।

प्राकृतिक आपदाओं की भी होती है भविष्यवाणी
क्या टैरा कार्ड से प्राकृतिक आपदाओं की जानकारी मिल सकती है इस सवाल पर नेहा भटनागर ने कहा, टैरो ने अपने भीतर ज्योतिष, अंकगणना और अंतरआत्मा को समाया हुआ है। यही वजह है कि टैरो से प्राकृतिक आपदाओं के साथ मौसम की भी भविष्यवाणी की जा सकती है। कहा, प्रश्न शास्त्र में जिस क्षण प्रश्न किया जाता है, उस समय की ग्रह स्थिति और ऊर्जा के आधार पर उत्तर दिया जाता है। उसी तरह टैरो कार्ड में भी प्रश्न पूछने के समय व्यक्ति की मानसिक स्थिति, अंतरमन की ऊर्जा और परिस्थितियां कार्ड्स के माध्यम से सामने आती हैं। वहीं, टैरो रीडर लीजा गुप्ता ने कहा, टैरो कार्ड से आपदाओं के लिए सतर्क किया जा सकता है।
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ईश्वर के आशीर्वाद के बिना हर विद्या बेकार
डॉ. दीप्ति शर्मा ने कहा, कोई भी विद्या चाहे वह ज्योतिष, टैरो रीडिंग, आयुर्वेद, विज्ञान या कोई अन्य ज्ञान का क्षेत्र हो वह सिर्फ सूचना या तकनीक भर नहीं है। उसके सही फल और मार्गदर्शन तभी संभव हैं जब उस पर ईश्वर की कृपा और आशीर्वाद बना रहे। हर विद्या का अपना अलग सम्मान और स्थान है उसकी किसी विद्या से तुलना नहीं की जा सकती। यही वजह है कि टैरो कार्ड से भी चौंकाने वाले परिणाम आते हैं। उन्होंने कहा, टैरो कार्ड साधारण कोई चीज नहीं है। यह एक गहरी और प्रभावशाली विधि है, जो मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक स्तर पर काम करती है।

टैरो कार्ड रीडिंग का उद्देश्य केवल मार्गदर्शन देना
पूजा अवस्थी ने कहा, टैरो का सही उपयोग सकारात्मक मार्गदर्शन और आध्यात्मिक विकास के लिए किया जाता है, न कि भविष्य को केवल जानने के लिए। यह हमारे जीवन के जटिल पहलुओं को समझने और उनसे निपटने का एक शक्तिशाली माध्यम है। टैरो कार्ड रीडिंग का उद्देश्य केवल मार्गदर्शन देना है। हम भी ईश्वर से प्रार्थना कर दूसरे व्यक्ति को जानकारी देते हैं। टैरो ध्यान और आंतरिक संतुलन के माध्यम से उस ऊर्जा को चैनलाइज करने का एक तरीका है।

सवाल पर निर्भर करती है उत्तर की सटीकता
रजनी ने कहा, टैरो कार्ड भविष्यवाणी का यंत्र नहीं हैं बल्कि मार्गदर्शन का साधन हैं। कार्ड्स व्यक्ति की अंतरमन, ऊर्जा और वर्तमान परिस्थितियों को दिखाते हैं। सटीकता इस बात पर निर्भर करती है कि प्रश्न कितना स्पष्ट है, रीडर की इंट्यूशन और अनुभव कितना मजबूत है और व्यक्ति का खुला मन और विश्वास कितना है।

सीमा कौशिक भाटिया ने कहा, टैरो के प्रभावी और सही तरीके से काम करने के लिए विश्वास बहुत महत्वपूर्ण है। टैरो, किसी भी अन्य आध्यात्मिक या मानसिक विधा की तरह, एक मानसिक उपकरण के रूप में काम करता है जो व्यक्ति के अवचेतन मन और आंतरिक भावनाओं को बाहर लाता है।

हर बार एक जैसे ही जवाब देते हैं टैरो
पूजा जैन ने कहा, अगर किसी सवाल का मूल भाव या मानसिक स्थिति बार-बार समान रहती है, तो कार्ड एक ही तरह के संदेश दिखाता है। कार्ड प्रतिकूल, सकारात्मक या चेतावनी के रूप में संकेत देते हैं। उन्होंने कहा, अगर जीवन की स्थिति या मानसिक ऊर्जा नहीं बदलती, तो संदेश भी लगातार समान दिखाई देगा।
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