राजधानी में स्वाइन फ्लू के एक अन्य संदिग्ध मरीज की मौत हो गई। दो दिन के भीतर तीन लोगों की मौत से विभाग में हड़कंप मच गया है। प्रदेश में स्वाइन फ्लू से अब तक नौ लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, राजधानी में डेंगू ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है।
शुक्रवार को चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। बृहस्पतिवार को हिमालयन अस्पताल, जौलीग्रांट में भर्ती स्वाइन फ्लू के दो संदिग्ध मरीजों की मौत हो गई। इसमें एक 54 वर्षीय ऋषिकेश निवासी और दूसरा 42 वर्षीय मरीज ज्वालापुर का रहने वाला था।
दोनो को 15 जुलाई को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहीं, इसी अस्पताल में 17 जुलाई को भर्ती स्वाइन फ्लू के एक अन्य 29 वर्षीय संदिग्ध मरीज निवासी बैरागीवाला, विकासनगर की भी बृहस्पतिवार देर रात मौत हो गई। मरने वालों में स्वाइन फ्लू के लक्षण थे। हालांकि, स्वाइन फ्लू की पुष्टि की रिपोर्ट अभी दिल्ली से नहीं आई है।
चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि
स्वाइन फ्लू के साथ ही राजधानी में डेंगू भी तेजी से पांव पसार रहा है। शुक्रवार को दून अस्पताल में चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इनमें एक उत्तर प्रदेश एवं तीन अन्य उत्तराखंड के हरिद्वार के रहने वाले हैं। इनका हिमालयन अस्पताल में उपचार चल रहा है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बिजनौर निवासी 45 वर्षीय युवक, 14 वर्षीय बालक निवासी रोशनाबाद हरिद्वार, 18 वर्षीय युवक निवासी रोशनाबाद हरिद्वार और 24 वर्षीय मरीज निवासी बीएचईएल, हरिद्वार में डेंगू पॉजिटिव पाया गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. टीसी पंत ने कहा कि स्वाइन फ्लू और डेंगू के अधिकतर मामले हरिद्वार व पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आए मरीजों में पाए गए हैं। विभाग की ओर से सभी जरूरी एहतियात बरती जा रही है। संबंधित जनपदों को भी इस संबंध में सतर्क कर दिया गया है।
स्वाइन फ्लू और डेंगू के मामलों को लेकर अस्पताल की ओर से विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अस्पताल में दस-दस बेड के दो अलग वार्ड आरक्षित कर दिए गए हैं। मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
-डॉ. केके टम्टा, अस्पताल अधीक्षक दून अस्पताल