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स्वामी शिवानंद बोले, नितिन गड़करी और एम्स समेत जिला प्रशासन पर मुकदमा दर्ज कराएगा मातृसदन

Mon, 15 Oct 2018 08:43 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हरिद्वार
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स्वामी शिवानंद
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 मातृ सदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद ने कहा है कि एम्स ऋषिकेश में डॉक्टरों ने अपने बचाव में स्वामी सानंद से 11 अक्तूबर की सुबह 6.45 बजे पत्र लिखवाया, जिसमें एम्स के डॉक्टरों की तारीफ की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर एक मरीज बिना किसी कारण के पत्र क्यों लिखेगा।

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उन्होंने कहा कि एम्स यदि मातृ सदन पर मुकदमा करता है तो इसके लिए एम्स का स्वागत है, लेकिन स्वामी सानंद की मौत की जांच की मांग करना मातृ सदन का अधिकार है। वहीं, मातृ सदन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, हरिद्वार जिला प्रशासन और एम्स ऋषिकेश प्रशासन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की भी तैयारी कर रही है।

रविवार को पत्रकारों से बातचीत में स्वामी शिवानंद सरस्वती ने एम्स प्रबंधन की ओर से मातृ सदन पर मुकदमा दर्ज करने के बयान पर कहा कि स्वामी सानंद ने 11 अक्तूबर की सुबह पत्र लिखा था और 12 बजे एक वीडियो भी बनवाई थी। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कुछ ही देर में उनका देहावसान कैसे हो सकता है। उन्होंने कहा कि यदि एम्स मातृ सदन पर मुकदमा करने की बात कह रहा है तो उनका स्वागत है, लेकिन एम्स को स्वामी सानंद के देहावसान पर राजनीतिक बयान नहीं देना चाहिए।
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उन्होंने एम्स प्रशासन की ओर से स्वामी सानंद के परिजनों को उनके अंतिम दर्शनों की अनुमति देने और मातृ सदन को अनुमति न देनेे पर संशय जताया है। स्वामी शिवानंद ने कहा कि उनके पत्र का जवाब अभी तक एम्स ने नहीं दिया है, लेकिन वह लगातार एम्स से तीन दिन के लिए स्वामी सानंद का शरीर लेने का प्रयास कर रहे हैं।

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दस अक्तूबर को ही मिली पोस्टमार्टम की अनुमति 

स्वामी शिवानंद ने कहा कि उन्हें किसी ने सूचना दी है कि ऋषिकेश एम्स के पास पोस्टमार्टम करने का लाइसेंस नहीं था। 10 अक्तूबर को ही एम्स को पोस्टमार्टम करने का लाइसेंस दिया गया है। इसके बारे में वे जानकारी जुटा रहे हैं, लेकिन यदि ऐसा वास्तव में है तो ये अपने आप में सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न लगाता है।  

आईटी सेल हुआ सक्रिय 
स्वामी शिवानंद ने कहा कि स्वामी सानंद के देहावसान के बाद एक तथाकथित राजनीतिक पार्टी का आईटी सेल सक्रिय हुआ है। यह आईटी सेल स्वामी सानंद के बारे में अफवाह फैलाते हुए गलत बयानबाजी कर उनकी छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी भी जांच होने की चाहिए कि यह आईटी सेल किसकी ओर से संचालित किया जा रहा है। 
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