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निकाय चुनाव 2018: हाईकोर्ट जाने की तैयारी में पूर्व मेयर, चुनाव प्रक्रिया पर बन रहे संकट के बादल 

Mon, 15 Oct 2018 08:43 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, रुड़की
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सरकार की तैयारियों के बीच प्रदेश में निकाय चुनाव की राह उतनी भी आसान नहीं दिखती, जितनी प्रदेश सरकार दंभ रही है। क्योंकि अभी सरकार की ओर से रुड़की में चुनाव की स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। ऐसे में एक बार फिर रुड़की से प्रदेश के निकाय चुनाव पर ग्रहण की काली छाया पड़ती दिख रही है। निवर्तमान मेयर का कहना है कि यदि चुनावी अधिसूचना में रुड़की को शामिल नहीं किया गया, तो वह हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना को आधार बनाते हुए कोर्ट में इसको चुनौती में देंगे। ऐसी स्थिति में अगर सरकार को रुड़की में भी एक साथ चुनाव कराने के आदेश मिलते हैं तो चुनावी प्रक्रिया एक बार फिर से टल सकती है।

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वर्ष 2015 में पूर्ववर्ती हरीश रावत सरकार ने सीमा विस्तार करते हुए रुड़की नगर निगम में पाड़ली गुर्जर और रामपुर गांव को भी शामिल कर लिया था, लेकिन वर्ष 2017 में भाजपा सरकार ने इन दोनों गांवों को फिर से नगर निगम से बाहर कर दिया था। इसके विरोध में कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में सरकार के इस आदेश को चुनौती दी थी, जिस पर हाईकोर्ट ने स्टे दे दिया था।

इसके बाद प्रदेश सरकार ने 11 मई 2018 को नगर निकायों के आरक्षण की प्राथमिक अधिसूचना जारी कर जनता से आपत्तियां मांगी। इसमें रुड़की नगर निगम को छोड़ दिया गया था। इसे लेकर नैनीताल हाईकोर्ट ने 25 मई 2018 को रुड़की को शामिल करते हुए सभी निकायों में एकसाथ आरक्षण प्रक्रिया किए जाने के आदेश दिए थे। अब हाईकोर्ट के चुनाव कराने के आदेश पर प्रदेश सरकार ने चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन अधिकृत रूप से रुड़की नगर निगम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
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इसके अलावा हाल ही में प्रदेश सरकार ने रुड़की नगर निगम में 24 नए गांवों को शामिल करने के लिए भी प्रक्रिया शुरू कर दी है। ऐसे में नए गांवों को शामिल करते हुए सर्वे और आरक्षण निर्धारण का काम अभी बाकी है। लिहाजा रुड़की में जल्द चुनाव होने की स्थिति नहीं दिख रही है। साथ ही इसे लेकर फिर से कुछ लोग हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी में हैं। बताया जा रहा है कि इस बार प्रदेश सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट की अवमानना को आधार बनाकर नई चुनौती पेश की जाएगी। जिसके चलते एक बार फिर से प्रदेश में निकाय चुनावों की कोशिशों को झटका लग सकता है।  

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रुड़की में चुनाव न कराना सीधे हाईकोर्ट की अवमानना : राणा

निवर्तमान मेयर यशपाल राणा का कहना है कि हाईकोर्ट ने प्रदेश में निकाय चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। ऐसे में प्रदेशभर के साथ रुड़की में भी चुनाव होने चाहिए। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने पूर्व में राज्य सरकार को रुड़की को शामिल करते हुए चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए थे। यदि सरकार मनमानी करती है तो यह सीधे हाईकोर्ट की अवमानना होगी। उन्होंने कहा कि चुनाव के लिए जारी अधिसूचना में रुड़की को शामिल नहीं किया जाता है तो हाईकोर्ट की अवमानना को आधार बनाते हुए याचिका दायर की जाएगी। राणा ने कहा कि भाजपा सरकार रुड़की में चुनाव न कराकर लोकतंत्र पर कुठाराघात कर रही है। इसे किसी भी हालत में सही नहीं ठहराया जा सकता।  

सरकार नहीं चाहती रुड़की में हो चुनाव : फुरकान  
पिरान कलियर विधायक फुरकान अहमद ने कहा है कि प्रदेश सरकार शुरू से ही नहीं चाहती कि रुड़की नगर निगम का चुनाव हो। जबकि, चुनाव लोगों का अधिकार है। ऐसे में रुड़की की जनता को इससे वंचित नहीं रखा जा सकता। उन्होंने कहा कि पहले रामपुर और पाड़ली गुर्जर को बाहर कर रुड़की में निकाय चुनाव का रास्ता रोका गया और अब 24 नए गांवों को शामिल कर फिर से इस तरह की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में अधिवक्ताओं से राय मशविरा करने के बाद आगे का कदम उठाया जाएगा।
 
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