केंद्र सरकार की वजह से उत्तराखंड की 30 हजार बस्तियों (पुरवों) पर पीने के पानी का संकट गहरा गया है।
केंद्र सरकार ने प्रदेश शासन के 1400 करोड़ के स्वजल प्रोजेक्ट को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। इस पर केंद्र ने विचार करने से ही मना कर दिया। इससे प्रदेश शासन को तेज झटका लगा है। शासन के समक्ष स्वजल प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के क्रियान्वयन में समस्या खड़ी हो गई।
अगर केंद्र से पैसा मिल जाता तो प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के पुरवों और छोटी बस्तियों में पीने के पानी की व्यवस्था की जाती। प्रोजेक्ट को टेक-अप न करने के संबंध में केंद्र का पत्र प्रदेश शासन को मिल गया है।
केंद्र सरकार ने प्रदेश शासन को जो पत्र भेजा है, उसमें स्वजल प्रोजेक्ट पर विचार न करने के पीछे स्वच्छता अभियान का तर्क दिया गया है।