उन्होंने बताया कि न्यायालय में सरकार की ओर से मुकुल रोहतगी ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट में कहा कि आर्टिकल 16 (4 ए) आरक्षण के बारे में प्रावधान करने का राज्य को अधिकार देता है। उच्च न्यायालय को इस संबंध में निर्देश देने का अधिकार नहीं है। दलीलें सुनने के बाद न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी।
ये था मामला
उत्तराखंड उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीन रमेश रंगनाथन और न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की खंडपीठ ने विनोद कुमार और अन्य बनाम उत्तराखंड सरकार के मामले में गत 15 जुलाई को लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर से असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल) के पद पर प्रमोशन में आरक्षण देने के आदेश दिए थे। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि विभाग स्वीकृत 164 पदों के सापेक्ष 19 फीसदी आरक्षण के हिसाब से अनुसूचित जाति के लिए 31 पद बैठते हैं।