विधानसभा सचिवालय में आयोगों के माध्यम से होगी खाली पदों पर भर्ती
भविष्य में विधानसभा सचिवालय में होने वाली नियुक्तियों में नियम का अनुपालन और पारदर्शिता हो इसके लिए स्पीकर ने नियमावली में संशोधन की पहल है। उत्तराखंड विधानसभा अब सीधी भर्ती के सभी खाली पदों को उत्तराखंड राज्य लोक सेवा आयोग और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से भरेगी। इस संशोधन के साथ शासन ने सेवा नियमावली पर सहमति जताते हुए इसे विधानसभा को लौटा दिया है। संशोधित नियमावली में विधायी को फिर से विधानसभा का प्रशासकीय विभाग बनाने का प्रावधान किया है।
नियुक्तियों में नहीं दिया गया समानता का अवसर
समिति ने जांच रिपोर्ट में तदर्थ आधार की गई नियुक्तियों को नियम विरुद्ध माना था। विभिन्न पदों पर सीधी भर्ती के लिए निर्धारित चयन समिति का गठन नहीं किया गया। तदर्थ नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति जारी नहीं की गई। अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र नहीं मांगे गए, केवल व्यक्तिगत आवेदन पत्रों पर नियुक्ति प्रदान कर दी गई। इसके लिए प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित नहीं की गईं। नियुक्तियों में अभ्यर्थियों को समानता का अवसर नहीं दिया गया, जो संविधान के अनुच्छेद-14 प अनुच्छेद-16 का उल्लंघन है।
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मैं सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की सराहना व स्वागत करती हूं। विधानसभा सचिवालय से कुछ बर्खास्त कर्मचारियों ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी। दोनों पक्षों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने एसएलपी खारिज कर दी है। -ऋतु खंडूड़ी भूषण, विधानसभा अध्यक्ष