द ताशकंद फाइल्स फिल्म के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्रि और लाल बहादुर शास्त्री के बेटे सुनील शास्त्री से अक्षय राठी ने चर्चा की। चर्चा में उन्होंने कहा कि जो शक्ति कला में है, वो इस फिल्म ने दिखा दिया है।
सुनील शास्त्री ने कहा कि मैं जहां भी जाता हूं, मेरे पिता की मृत्यु कैसे हुई? ये पूछा जाता है, लेकिन मैं खुद को इस पर बहुत शर्मिंदा होता हूं कि मुझे खुद नहीं पता चल पाया कि वास्तव में उनके साथ क्या हुआ था। उन्हें जहर दिया गया था, यह बात कहते-कहते मेरी माता जी चली गईं लेकिन तत्कालीन सरकार ने इसकी जांच में कोई रुचि नहीं दिखाई।
फिल्म के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कहा कि ये बहुत ही दुख की बात है कि हमारे देश का साहित्य मर रहा है। हमारी कला में वो दम नहीं दिखाया जाता जिसकी वो हकदार है। इस फिल्म को बनने के बाद हमने जाना कि कला सच्चाई को सामने लाने में किस कदर भूमिका निभा सकती है।
महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर को हुआ था, ये सारी दुनिया जानती है। क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री खुद हर बार उनकी जयंती का झंडा बुलंद करते हैं। लेकिन उस दिन एक ऐसे व्यक्ति का भी जन्म हुआ था, जिसने इस देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी थी। इसे कम ही लोग जानते हैं। मेरी फिल्म के कास्ट में से बहुत से लोगों को स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद ही पता चला कि दो अक्टूबर को शास्त्री जी का भी जन्मदिन है।
जब यह फिल्म रिलीज हुई, तब पता चला कि युवा शास्त्री जी के बारे में जानना चाहता हैं। बड़े नाम वाली फि ल्मों के साथ देश के केवल 250 सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म को देखने के लिए युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था।
70 फीसदी कमाई युवा पीढ़ी के माध्यम से ही इस फिल्म को हुई। सोशल मीडिया पर इस बार दो अक्तूबर को लाल बहादुर शास्त्री भी ट्रेंड हुए। इस मौके सुनील शास्त्री और अग्निहोत्री ने देश के वर्तमान पहलुओं पर भी चर्चा की।