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इंदिरा से मोदी तक किसी ने नहीं चाहा लाल बहादुर शास्त्री की मौत से पर्दा हटाना: सुनील शास्त्री

Sat, 12 Oct 2019 09:35 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • सब पूछते हैं कि कैसे हुई शास्त्री की मौत, जनता के सवालों पर मैं होता हूँ शर्मिंदा।
  • देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल में शामिल हुए सुनील शास्त्री ने रखे अपने विचार।
     
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सुनील शास्त्री - फोटो : फेसबुक
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विस्तार
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मेरे पिता लाल बहादुर शास्त्री की मौत में कुछ ना कुछ तो राज है। इस राज से 'द ताशकंद फाइल्स फिल्म' ने पर्दा उठाने की कोशिश की है, जिसे सत्य कहा जा सकता है। लेकिन, ये दुख की बात है कि जिस देश के लिए लाल बहादुर शास्त्री ने इतना सब कुछ किया, वहां उनकी मौत से पर्दा हटाने में किसी की रुचि नहीं है।

 

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी से लेकर वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक ने इस पर कुछ नहीं किया। देहरादून लिटरेचर फेस्टिवल के ताशकंद फाइल्स सत्र में पहुंचे लाल बहादुर शास्त्री के बेटे सुनील शास्त्री ने कुछ इस तरह अपने मन की बात सबके सामने रखी।

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तत्कालीन सरकार ने जांच में नहीं दिखाई कोई रुचि

द ताशकंद फाइल्स फिल्म के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्रि और लाल बहादुर शास्त्री के बेटे सुनील शास्त्री से अक्षय राठी ने चर्चा की। चर्चा में उन्होंने कहा कि जो शक्ति कला में है, वो इस फिल्म ने दिखा दिया है।

सुनील शास्त्री ने कहा कि मैं जहां भी जाता हूं, मेरे पिता की मृत्यु कैसे हुई? ये पूछा जाता है, लेकिन मैं खुद को इस पर बहुत शर्मिंदा होता हूं कि मुझे खुद नहीं पता चल पाया कि वास्तव में उनके साथ क्या हुआ था। उन्हें जहर दिया गया था, यह बात कहते-कहते मेरी माता जी चली गईं लेकिन तत्कालीन सरकार ने इसकी जांच में कोई रुचि नहीं दिखाई।
 
फिल्म के निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कहा कि ये बहुत ही दुख की बात है कि हमारे देश का साहित्य मर रहा है। हमारी कला में वो दम नहीं दिखाया जाता जिसकी वो हकदार है। इस फिल्म को बनने के बाद हमने जाना कि कला सच्चाई को सामने लाने में किस कदर भूमिका निभा सकती है।
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शास्त्री जी के बारे में जानना चाहता हैं युवा 

महात्मा गांधी का जन्म 2 अक्टूबर को हुआ था, ये सारी दुनिया जानती है। क्योंकि हमारे प्रधानमंत्री खुद हर बार उनकी जयंती का झंडा बुलंद करते हैं। लेकिन उस दिन एक ऐसे व्यक्ति का भी जन्म हुआ था, जिसने इस देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी थी। इसे कम ही लोग जानते हैं। मेरी फिल्म के कास्ट में से बहुत से लोगों को स्क्रिप्ट पढ़ने के बाद ही पता चला कि दो अक्टूबर को शास्त्री जी का भी जन्मदिन है।
 
जब यह फिल्म रिलीज हुई, तब पता चला कि युवा शास्त्री जी के बारे में जानना चाहता हैं। बड़े नाम वाली फि ल्मों के साथ देश के केवल 250 सिनेमाघरों में रिलीज हुई इस फिल्म को देखने के लिए युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था।

70 फीसदी कमाई युवा पीढ़ी के माध्यम से ही इस फिल्म को हुई। सोशल मीडिया पर इस बार दो अक्तूबर को लाल बहादुर शास्त्री भी ट्रेंड हुए। इस मौके सुनील शास्त्री और अग्निहोत्री ने देश के वर्तमान पहलुओं पर भी चर्चा की।
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