छठ के गीत गाते हुए श्रद्धालुओं ने शनिवार की शाम डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया। सिर पर प्रसाद का सूप और दउरा लेकर नंगे पांव घाट पहुंचे व्रतियों ने छठ मइय्या से सदा सुहागिन रहने और संतान की दीर्घायु की कामना की। इस मौके पर छठ मइय्या के गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया। सूर्य की उपासना का महापर्व छठ का रविवार सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही संपन्न हो जाएगा। इसके लिए घाटों में तैयारी कर ली गई।
शहर का मुख्य आयोजन बिहारी महासभा की ओर से टपकेश्वर मंदिर परिसर में किया गया। साथ ही सभा की ओर से प्रेमनगर, मालदेवता, क्लेमेंटटाउन समेत 22 जगह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। टपकेश्वर में दोपहर से ही श्रद्धालुओं के आने का दौर शुरू हो गया था। जो देर शाम तक जारी रहा। मंदिर परिसर में छठ पूजन के लिए हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। पूजा स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। व्रती महिलाएं अपने परिवार के साथ बांस के सूप और टोकरे में फल, सब्जी लिए घाट पर पहुंचे। व्रती महिलाओं ने शाम को तमसा नदी में खड़े होकर सूरज को अर्घ्य दिया। पूजा स्थल पर पहिले पहिल छठी मइय्या..., सुनि लेहु अरज हमार हे छठी मइय्या... आदि गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया। उधर बालाजी सेवा संस्थान की ओर से कार्यकारी निदेशक अवधेश कुमार की अगुवाई में गौतम कुंड चंद्रबनी में छठ पर्व का आयोजन किया गया।
इस मौके पर बिहारी महासभा के अध्यक्ष सतेंद्र सिंह ने कहा कि छठ पर्व हमारी संस्कृति प्रतीक है। दुनिया में लोग सिर्फ उगते हुए सूरज की पूजा करते हैं लेकिन सनातन हिंदू संस्कृति में डूबते हुए सूर्य की भी पूजा होती है। वहीं बलवीर रोड क्षेत्र में रहने वाले पूर्वांचल और बिहार के लोगों के साथ छठ मनाने पहुंचे कांग्रेस के सह प्रभारी राजेश धर्माणी और पूर्व विधायक राजकुमार ने कहा कि छठ पर्व लोगों को एकता में जोड़ने का पर्व है।
क्लेमेंटटाउन में सेना ने किया सहयोग
छठ पर्व के मौके पर क्लेमेंटटाउन में व्रतियों ने तालाब में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया। वहां छठ सेवा समिति की ओर से सूर्य को अर्घ्य देने के लिए तैयारी की गई हैं। श्रद्धालुओं ने पानी में खड़े होकर सूरज को अर्घ्य दिया। इस मौके पर व्यवस्थाओं में सेना ने भी सहयोग दिया।
छठ पर्व के लिए गढ़ी कैंट स्थित टपकेश्वर तमसा नदी में डूबते सूरज को अर्घ्ग देने से पूर्व पूजा अर्च?
छठ पर्व के लिए गढ़ी कैंट स्थित टपकेश्वर तमसा नदी में डूबते सूरज को अर्घ्ग देने से पूर्व पूजा अर्च?
Suni lehu arj hamar hai sixth maiyya ...
चंद्रबनी स्थित गौतम कुंड मंदिर में छठ पूजा करती श्रद्धालु ।
छठ पर्व के लिए गढ़ी कैंट स्थित टपकेश्वर तमसा नदी में डूबते सूरज को अर्घ्ग देने से पूर्व पूजा अर्च?
छठ पर्व के लिए गढ़ी कैंट स्थित टपकेश्वर तमसा नदी में डूबते सूरज को अर्घ्ग देती ब्रतधारी महिला।
छठ पर्व के लिए गढ़ी कैंट स्थित टपकेश्वर तमसा नदी में डूबते सूरज को अर्घ्ग देने से पूजा अर्चना करत?